नोएडा में IPO निवेश के नाम पर 53 लाख की साइबर ठगी, वॉट्सएप ग्रुप से जोड़कर बनाया शिकार
- Shiv Kumar
- 01 Jul, 2026
पार्ट टाइम इनकम और शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने एक इंजीनियर से करीब 53 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने आइपीओ में निवेश पर 50 प्रतिशत तक मुनाफे का दावा कर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया। शुरुआत में एप पर लाभ दिखाकर और बैंक खाते में छोटी रकम ट्रांसफर कर भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद लगातार निवेश करवाकर खाते से लाखों रुपये निकलवा लिए गए। जब पीड़ित ने अपनी जमा रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने अतिरिक्त पैसे की मांग शुरू कर दी। आखिरकार संपर्क टूटने पर मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वॉट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल
देहरादून के जौलीग्रांट स्थित आदर्श नगर निवासी अखिलेश वर्तमान में नोएडा के मोरना गांव के एक पीजी में रह रहे हैं। शेयर बाजार में रुचि होने के कारण उन्होंने चार फरवरी को आए एक वॉट्सएप संदेश पर बातचीत की। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश कर पार्ट टाइम इनकम बनाने का सुझाव दिया। इसके बाद अखिलेश को एक वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया, जहां कई लोग मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे। ठगों ने उन्हें एक एप डाउनलोड करवाया और शुरुआत में छोटी राशि निवेश करवाई। उस पर लाभ दिखाया गया और बैंक खाते में रकम वापस भी भेजी गई, जिससे अखिलेश का भरोसा बढ़ गया।
19 बार में ट्रांसफर कर दिए 53 लाख रुपये
भरोसा होने के बाद अखिलेश ने 16 मार्च तक कुल 19 बार में करीब 53 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। एप पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा। कुछ समय बाद जब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया, तब ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि भुगतान नहीं करने पर उनका खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। जब अखिलेश ने और पैसे देने से इनकार किया तो ठगों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।
साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई और नोएडा साइबर क्राइम थाने में एफआईआर भी कराई। पुलिस अब उन बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और एप की जांच कर रही है जिनके जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई। साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया या वॉट्सएप पर मिलने वाले निवेश संबंधी प्रस्तावों पर आंख बंद कर भरोसा न करें और किसी भी एप या लिंक का उपयोग करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें।
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