ऑनलाइन दोस्ती के जाल में फंसाकर लूट! नोएडा पुलिस ने 3 महिलाओं समेत 5 आरोपियों का किया पर्दाफाश
नोएडा के थाना सेक्टर-24 पुलिस ने ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के नाम पर लोगों को फंसाकर लूटपाट और ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। गिरोह लोगों को ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर बुलाकर लूट की वारदात को अंजाम देता था।
- Mukesh Mishra
- 04 Jul, 2026
ऑनलाइन फ्रेंडशिप के नाम पर बिछाते थे जाल, फिर करते थे लूटपाट
नोएडा में ऑनलाइन फ्रेंडशिप के नाम पर लोगों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का थाना सेक्टर-24 पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके एक बाल अपचारी साथी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी फ्रेंडशिप क्लब के जरिए लोगों से संपर्क करता था। महिलाओं से बातचीत कराकर पहले भरोसा जीतता और फिर मुलाकात के बहाने सुनसान जगह पर बुलाकर लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब सेक्टर-54 स्थित सीएनजी पंप के पास एक फॉर्च्यूनर कार लूटे जाने की सूचना पुलिस को मिली। शिकायत मिलते ही थाना सेक्टर-24 पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर तंत्र की मदद से पूरे गिरोह तक पहुंच गई।
फॉर्च्यूनर कार, दो अन्य वाहन और चाकू बरामद
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही उनके कब्जे से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार बरामद कर ली। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई दो अन्य कारें और वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किए गए हैं। जांच में सामने आया कि पीड़ित के साथ छह लोगों ने मिलकर पूरी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित साथियों और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इसी तरह लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। गिरोह में शामिल महिलाएं ऑनलाइन बातचीत कर लोगों का विश्वास जीतती थीं, जिसके बाद बाकी सदस्य लूट की योजना को अंजाम देते थे।
दर्जनों लोगों से ठगी की आशंका, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह गिरोह अब तक दर्जनों लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि अन्य पीड़ितों और वारदातों का भी पता लगाया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। नोएडा की एडीसीपी मनीषा सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया या ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के माध्यम से अनजान लोगों पर आसानी से भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
ऑनलाइन फ्रेंडशिप और डेटिंग
ऑनलाइन फ्रेंडशिप और डेटिंग के नाम पर होने वाले अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। अपराधी सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और फर्जी क्लबों का इस्तेमाल कर पहले भरोसा जीतते हैं और फिर लूट या ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय साइबर और संगठित अपराधियों के लिए भी कड़ा संदेश है।
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