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नोएडा में मोबाइल स्नेचिंग गैंग का पर्दाफाश, 18 मोबाइल के साथ तीन शातिर लुटेरे गिरफ्तार

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सेंट्रल नोएडा की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने मोबाइल स्नेचिंग और टप्पेबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 18 मोबाइल फोन, दो चाकू और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है।

सेंट्रल नोएडा में मोबाइल स्नेचिंग और टप्पेबाजी की बढ़ती घटनाओं के बीच थाना सेक्टर-63 पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने राहगीरों को निशाना बनाकर मोबाइल और चेन लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटे गए 18 मोबाइल फोन, दो चाकू और वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी बरामद की गई है। इस पूरे मामले का खुलासा एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से नोएडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे और सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में टप्पेबाजी, सुनसान रास्तों पर करते थे स्नेचिंग
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दिन के समय भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों पर टप्पेबाजी कर लोगों के मोबाइल और कीमती सामान पर हाथ साफ करते थे। वहीं, शाम और रात के समय सुनसान सड़कों पर अकेले जा रहे लोगों को निशाना बनाकर मोबाइल और चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे। वारदात के दौरान आरोपी स्कूटी का इस्तेमाल करते थे, जिससे घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह की गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी और तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
राह चलते लोगों को बेच देते थे लूटे गए मोबाइल
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लूटे गए मोबाइल फोन को वे कम कीमत पर राह चलते लोगों या अन्य खरीदारों को बेच देते थे, ताकि जल्दी नकदी मिल सके और पुलिस तक पहुंचने के सबूत भी कम रह जाएं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी और लूट के मोबाइल खरीदने वाले लोग कौन हैं और क्या इस पूरे मामले में कोई रिसीवर गैंग भी सक्रिय है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद 18 मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है। पुलिस लोगों से संपर्क कर उन्हें उनका सामान वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है।
स्नेचिंग गैंग पर कार्रवाई, लेकिन रिसीवर नेटवर्क पर भी होगी नजर
मोबाइल स्नेचिंग और टप्पेबाजी जैसी घटनाओं में अक्सर केवल वारदात करने वाले आरोपी ही नहीं, बल्कि चोरी का सामान खरीदने वाले नेटवर्क की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे गिरोह तभी तक सक्रिय रहते हैं, जब तक उन्हें चोरी का सामान बेचने का आसान माध्यम मिलता रहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस यदि लूटे गए मोबाइल खरीदने वाले रिसीवर नेटवर्क पर भी सख्ती से कार्रवाई करती है, तो इस तरह के अपराधों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। साथ ही लोगों को भी सार्वजनिक स्थानों और सुनसान इलाकों में मोबाइल का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

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