अमरोहा में गाजर का हलवा बना जहर! 100 से ज्यादा महिलाएं और बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार, अस्पतालों में भर्ती

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दावा किया गया है कि गाजर का हलवा नकली दूध और नकली मावे से तैयार किया गया था

अमरोहा के डिडौली गांव में कुलदीप गुप्ता के पिता की बरसी पर आयोजित भंडारे में गाजर का हलवा खाने से 10 से अधिक लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए हैं। जिसमें महिलाएं और बच्चों की संख्या अधिक है। हलवा खाते ही एक के बाद पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद लोग बेहोशी की हालत में गिरने लगे। बीमार लोगों को अलग-अलग निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि गाजर का हलवा नकली दूध और नकली मावे से बनाया गया था। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मावा, खोया, पनीर, छेना समेत पांच पकवानों के सैंपल लेकर जांच लिए भेजा। इसके अलावा जिस दुकान से मावा खरीदा गया था, वहां से भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। 

पुण्यतिथि पर था भंडारे का आयोजन
जानकारी के मुताबिक, डिडौली गांव में सराफ कुलदीप गुप्ता का परिवार रहता है। कुलदीप के दिवंगत पिता विनेश गुप्ता की गुरुवार पहली पुण्यतिथि थी। खाने पर रिश्तेदार, परिचित और ग्रामीणों को बुलाया गया था। दोपहर में लोगों ने भोज कार्यक्रम था। इसी दौरान गाजर का हलवा खाने वाले महिला और बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने लगे। एक के बाद एक बड़ी संख्या में लोगों को बीमार होता देख लोगों के होश उड़ गए। तुरंत ही बीमार लोगों को आसपास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 

नकली दूध और मावे से बना था हलवा
डॉक्टरों ने लोगों को फूड प्वाइजनिंग होने की बात कही है। दावा किया गया है कि गाजर का हलवा नकली दूध और नकली मावे से तैयार किया गया था। जिसे खाने के बाद लोगों को फूड प्वाइजनिंग हुई है। डीएम निधि गुप्ता वत्स के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय कुमार अग्रवाल, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुलदीप कुमार दीक्षित मौके पर पहुंचे। कार्यक्रम से मावा, खोया, पनीर, छेना और गाजर के हलवे का सैंपल लिया। कुलदीप गुप्ता ने बताया कि ज्यादातर बीमार लोग उनके परिवार और गांव के हैं। रिश्तेदारों को पुण्यतिथि में नहीं बुलाया था।

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