नोएडा में फर्जी लोन कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कम ब्याज का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से ठगी, 5 गिरफ्तार
- Mukesh Mishra
- 11 Jul, 2026
नोएडा, उत्तर प्रदेश।
नोएडा पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। फेस-1 थाना पुलिस ने सेक्टर-2 में चल रहे इस अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारकर दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर देशभर के लोगों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
नोएडा की एडीसीपी मनीषा सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह कॉल सेंटर पिछले दो से तीन महीने से सेक्टर-2 में संचालित हो रहा था। पुलिस को लगातार शिकायतें मिलने के बाद साइबर टीम ने जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई की गई।
कम ब्याज वाले लोन का लालच देकर वसूली जाती थी प्रोसेसिंग फीस
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया, इंटरनेट और अन्य माध्यमों से लोगों का मोबाइल नंबर जुटाते थे। इसके बाद खुद को फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर कम ब्याज पर तुरंत लोन उपलब्ध कराने का दावा करते थे।
जब कोई व्यक्ति उनकी बातों में आ जाता था, तो उससे प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज या अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन रकम जमा कराई जाती थी। पैसे मिलने के बाद आरोपी या तो फोन बंद कर देते थे या फिर पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे। शुरुआती जांच में पुलिस को ऐसे सैकड़ों लोगों के ठगी का शिकार होने की जानकारी मिली है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल-लैपटॉप समेत अहम सामान बरामद
फेस-1 थाना पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो महिलाओं सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, कॉलिंग रिकॉर्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि ठगी के नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान रेड जोन में करीब 2500 मोबाइल नंबरों का डेटा मिला है। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी इस गिरोह के खिलाफ शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का संचालन कितने राज्यों तक फैला हुआ था।
साइबर अपराधियों पर लगातार सख्ती जारी
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर प्रोसेसिंग फीस या एडवांस भुगतान न करें। किसी भी लोन ऑफर की पुष्टि संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन से जरूर करें।
पुलिस ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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