नोएडा में फर्जी रेलवे कर्मचारी बनकर लिया 14 लाख का लोन, एसबीआई की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
- Shiv Kumar
- 12 Jul, 2026
नोएडा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लाखों रुपये का लोन लेने का मामला सामने आया है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की सेक्टर-51 शाखा से एक व्यक्ति ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताकर 14 लाख रुपये का ऋण हासिल कर लिया। बैंक की जांच में खुलासा हुआ कि लोन लेने के लिए जमा किए गए सेवा प्रमाणपत्र, वेतन पर्ची और अन्य दस्तावेज फर्जी थे। मामले में बैंक प्रबंधन की शिकायत पर सेक्टर-49 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
रेलवे कर्मचारी बताकर बैंक में जमा किए थे फर्जी दस्तावेज
एसबीआई सेक्टर-51 शाखा की प्रबंधक देवांजली मुखर्जी के अनुसार, मई 2022 में दिल्ली रेलवे कॉलोनी निवासी शिबू राम ने बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदन के दौरान आरोपी ने खुद को दिल्ली रेलवे के प्रधान कार्यालय में सहायक लेखाकार पद पर कार्यरत बताया था। लोन आवेदन के साथ आरोपी ने अपनी नौकरी से जुड़े दस्तावेज, वेतन पर्ची और सेवा प्रमाणपत्र भी बैंक में जमा किए थे। बैंक की सामान्य प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच के बाद 14 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया। बैंक अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत में आरोपी ने नियमित रूप से लोन की मासिक किश्तें जमा कीं, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी का पता नहीं चल सका।
किश्तें बंद होने के बाद हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
बैंक के अनुसार, करीब एक साल तक किश्तें जमा करने के बाद आरोपी ने भुगतान करना बंद कर दिया। लगातार किश्त नहीं जमा होने के कारण अगस्त 2025 में ऋण खाते को एनपीए यानी गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित कर दिया गया। इसके बाद बैंक ने आरोपी को कई बार नोटिस जारी किए और ऋण से जुड़े दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन कराया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने नौकरी और पद से संबंधित जो दस्तावेज बैंक में जमा किए थे, वे सही नहीं थे। बैंक का आरोप है कि आरोपी ने पहले से योजना बनाकर फर्जी जानकारी दी और इसी आधार पर ऋण प्राप्त किया।
पुलिस ने शुरू की जांच, अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही
एसीपी राकेश प्रताप सिंह ने बताया कि बैंक की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी द्वारा जमा किए गए सभी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं थी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






