ग्रेटर नोएडा के मिहिर भोज पार्क में चला स्वच्छता अभियान, विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 की दी गई जानकारी
- Shiv Kumar
- 31 Jul, 2026
ग्रेटर नोएडा के मिहिर भोज पार्क में शुक्रवार को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया। कैम्पेन अगेंस्ट प्लास्टिक पॉल्यूशन (CAPP) ने फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट (FFCT) और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के सहयोग से स्वच्छता अभियान एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस अभियान में दिल्ली पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पार्क में चलाया गया स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम की शुरुआत मिहिर भोज पार्क में स्वच्छता अभियान से हुई। विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और अधिकारियों ने मिलकर पार्क परिसर में फैले प्लास्टिक और अन्य कचरे को एकत्रित किया। अभियान के दौरान लोगों को सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने और प्लास्टिक प्रदूषण रोकने का संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने सामुदायिक भागीदारी को स्वच्छ वातावरण की दिशा में सबसे प्रभावी कदम बताया।
विद्यार्थियों को बताए कचरा पृथक्करण के नियम
स्वच्छता अभियान के बाद विद्यार्थियों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2026 पर एक संवादात्मक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इसमें छात्रों को गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और विशेष देखभाल वाले कचरे के पृथक्करण की जानकारी दी गई। साथ ही स्रोत पर कचरा अलग करने, एकल-उपयोग प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पुनर्चक्रण और जैविक कचरे से कम्पोस्ट बनाने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त शहर के निर्माण में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि हर नागरिक वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन अपनाए तो स्वच्छ और टिकाऊ शहर का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है।
जागरूकता अभियान रहेगा जारी
आयोजकों ने बताया कि CAPP, फीडबैक फाउंडेशन और GNIDA संयुक्त रूप से ग्रेटर नोएडा में वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक प्रदूषण में कमी और जन-जागरूकता के लिए लगातार अभियान चलाते रहेंगे, ताकि शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।
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