ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, वेतन बढ़ोतरी, बहाली और बीमा समेत 8 मांगों पर अड़े

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर अपना धरना अनिश्चितकालीन कर दिया है। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, बहाली और स्वास्थ्य बीमा समेत कई मांगें उठाई हैं तथा समाधान न होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। पिछले तीन दिनों से अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और प्राधिकरण की ओर से लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वे भूख हड़ताल भी शुरू करेंगे। प्राधिकरण कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कर्मचारी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे रहे। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से अधिकारियों के साथ लगातार वार्ता हुई, लेकिन किसी भी मांग पर ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने का निर्णय लिया गया।


आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी अड़े

धरने पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि प्राधिकरण ने हाल ही में जो आदेश जारी किया है, उसे तत्काल वापस लिया जाए। इसके साथ ही आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी, सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा और पहचान पत्र (आई-कार्ड) की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि जिन कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है, उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। इसके अलावा कर्मचारियों ने पूर्व में बच्चों के डूबने की घटना के बाद ठेकेदार के साथ जेल भेजे गए दो कर्मचारियों को बिना शर्त रिहा कराने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि इन सभी मुद्दों पर लंबे समय से कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।


भूख हड़ताल की भी दी चेतावनी

कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। यदि प्राधिकरण ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज करते हुए भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। उधर, प्राधिकरण की ओर से फिलहाल आंदोलन को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन और कर्मचारियों के बीच वार्ता कब होती है और इस गतिरोध का समाधान किस तरह निकलता है।

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