नोएडा सोसाइटी में लिफ्ट में फंसने की घटनाएं बढ़ीं, जानें लिफ्ट सुरक्षा के जरूरी टिप्स
- Shiv Kumar
- 06 Aug, 2026
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाई-राइज सोसाइटियों में रहने वाले लाखों लोग रोजाना कई बार लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग सोसाइटियों में लिफ्ट बीच रास्ते में रुकने, तकनीकी खराबी आने और लोगों के कुछ समय तक अंदर फंसने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। अधिकांश मामलों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इन घटनाओं ने लिफ्ट की नियमित देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लिफ्ट पूरी तरह सुरक्षित मशीन है, लेकिन इसकी समय-समय पर सर्विसिंग, तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। वहीं, निवासियों को भी लिफ्ट का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी और समय पर रखरखाव से ऐसे हादसों की संभावना काफी कम की जा सकती है।
नोएडा सोसाइटी लिफ्ट हादसे: कारण, बचाव और जरूरी टिप्स
हाई-राइज इमारतों में लिफ्ट दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में जब लिफ्ट अचानक रुक जाती है या तकनीकी खराबी के कारण लोग अंदर फंस जाते हैं तो घबराहट होना स्वाभाविक है। हालांकि अधिकांश मामलों में यह तकनीकी खराबी या बिजली आपूर्ति बाधित होने की वजह से होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करने से लिफ्ट से जुड़े अधिकांश जोखिमों को कम किया जा सकता है।
हाल में सामने आई लिफ्ट फंसने की घटनाएं
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई हाई-राइज सोसाइटियों में समय-समय पर लिफ्ट में लोगों के फंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कुछ मामलों में लिफ्ट कुछ मिनटों तक बंद रही, जबकि कुछ जगहों पर तकनीकी टीम को बुलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन घटनाओं के बाद निवासियों ने लिफ्ट की नियमित सर्विसिंग और सुरक्षा जांच की मांग उठाई। विशेषज्ञों का कहना है कि हर घटना की तकनीकी जांच जरूरी होती है ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
लिफ्ट में फंसने के मुख्य कारण
लिफ्ट में खराबी आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बिजली की आपूर्ति बाधित होना, कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी, सेंसर की खराबी, ओवरलोड या समय पर मेंटेनेंस नहीं होना प्रमुख वजहों में शामिल हैं। कई बार छोटी तकनीकी समस्या को समय रहते ठीक नहीं किया जाता, जिससे बाद में बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। इसलिए लिफ्ट की नियमित जांच और सर्विसिंग बेहद जरूरी मानी जाती है।
बिजली कटौती और तकनीकी खराबी
अचानक बिजली जाने पर यदि लिफ्ट में उचित बैकअप सिस्टम नहीं हो या उसमें खराबी हो तो लिफ्ट बीच में रुक सकती है। इसके अलावा मोटर, कंट्रोल पैनल, सेंसर या ब्रेकिंग सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी भी लिफ्ट के संचालन को प्रभावित कर सकती है। आधुनिक लिफ्टों में ऑटो रेस्क्यू डिवाइस (ARD) जैसी सुरक्षा तकनीकें उपलब्ध होती हैं, जो बिजली जाने पर लिफ्ट को नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाने में मदद करती हैं। इन प्रणालियों का नियमित परीक्षण भी जरूरी है।
लापरवाह मेंटेनेंस
किसी भी लिफ्ट की सुरक्षा उसके नियमित रखरखाव पर निर्भर करती है। यदि समय पर सर्विसिंग नहीं होती, पुराने पार्ट्स नहीं बदले जाते या निरीक्षण में लापरवाही बरती जाती है तो खराबी की संभावना बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सोसाइटी प्रबंधन अधिकृत एजेंसियों से समय-समय पर लिफ्ट की जांच कराए और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करे।
लिफ्ट में फंसने पर क्या करें
यदि किसी कारण से लिफ्ट बीच में रुक जाए तो सबसे पहले घबराएं नहीं। इमरजेंसी अलार्म या इंटरकॉम का उपयोग करें और सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों या मेंटेनेंस टीम को सूचना दें। जब तक प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं पहुंचते, तब तक जबरन दरवाजा खोलने या बाहर निकलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। शांत रहना और सहायता का इंतजार करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
तुरंत उठाएं ये कदम
लिफ्ट रुकने की स्थिति में मोबाइल फोन से परिवार या सुरक्षा गार्ड को सूचना दें। यदि इंटरकॉम उपलब्ध है तो उसका उपयोग करें। ऑक्सीजन की कमी का डर सामान्य परिस्थितियों में नहीं होता, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चों और बुजुर्गों को शांत रखने की कोशिश करें। किसी भी स्थिति में स्वयं लिफ्ट का दरवाजा खोलने या बाहर निकलने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
घबराने की बजाय रखें धैर्य
लिफ्ट में फंसने पर घबराहट सबसे बड़ी समस्या बन सकती है। घबराने से सांस तेज चलने लगती है और मानसिक तनाव बढ़ता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसी स्थिति में गहरी सांस लें, बैठने की जगह हो तो आराम से बैठ जाएं और मदद आने तक धैर्य बनाए रखें। अधिकांश मामलों में प्रशिक्षित तकनीकी टीम कुछ ही समय में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लेती है।
RWA और सोसाइटी प्रबंधन की जिम्मेदारी
आरडब्ल्यूए और सोसाइटी प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि सभी लिफ्टों का नियमित निरीक्षण कराया जाए और किसी भी शिकायत का तुरंत समाधान किया जाए। मेंटेनेंस रिकॉर्ड अपडेट रखना, सुरक्षा उपकरणों की जांच करना और आपातकालीन संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना भी जरूरी है। निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था होना आवश्यक है।
नियमित लिफ्ट इंस्पेक्शन जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, लिफ्ट का समय-समय पर तकनीकी निरीक्षण और सर्विसिंग किसी भी हाई-राइज इमारत के लिए अनिवार्य सुरक्षा उपाय है। इससे संभावित खराबी पहले ही सामने आ जाती है और समय रहते उसकी मरम्मत की जा सकती है। नियमित निरीक्षण से लिफ्ट की कार्यक्षमता भी बनी रहती है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
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