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नोएडा के जिला अस्पताल में फिर सामने आई लापरवाही, गायनी ओटी की गैलरी में गिरी सीलिंग, 300 करोड़ की बिल्डिंग पर उठे सवाल

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नोएडा के सेक्टर-39 जिला अस्पताल में शनिवार को तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग के ऑपरेशन थिएटर की गैलरी में सीलिंग का हिस्सा गिर गया। हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था। अस्पताल में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।

नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में शनिवार को एक बार फिर सीलिंग गिरने की घटना सामने आई है। इस बार तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग के ऑपरेशन थिएटर के पास बनी गैलरी में अचानक सीलिंग का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। सीलिंग गिरते ही गैलरी में मलबा फैल गया। गनीमत रही कि जिस समय यह घटना हुई, वहां कोई मरीज, तीमारदार या अस्पताल कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस वजह से किसी को चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, अस्पताल में दिनभर मरीजों और कर्मचारियों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में व्यस्त हिस्से में सीलिंग गिरने की घटना ने भवन की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।


गायनी ओटी के पास अचानक टूटकर नीचे गिरी सीलिंग

जानकारी के मुताबिक, घटना तीसरी मंजिल पर गायनी विभाग के ऑपरेशन थिएटर के पास बनी गैलरी में हुई। अचानक ऊपर लगी सीलिंग का एक हिस्सा नीचे गिर गया। इसके बाद गैलरी में मलबा बिखर गया और कुछ समय के लिए वहां आवाजाही भी प्रभावित हुई। हादसे के वक्त गैलरी खाली थी, इसलिए किसी मरीज, तीमारदार या कर्मचारी को चोट नहीं लगी। अस्पताल में लगातार लोगों की आवाजाही को देखते हुए इस घटना को गंभीर माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर घटना व्यस्त समय में होती और नीचे कोई मौजूद होता तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी। इस घटना ने अस्पताल के भवन की नियमित जांच और समय पर मरम्मत की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।


बारिश के बीच सीलन की समस्या, पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

इन दिनों लगातार बारिश के कारण अस्पताल के कई हिस्सों में सीलन की समस्या बनी हुई है। इसी बीच सीलिंग का हिस्सा गिरने से अस्पताल की देखरेख को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे स्थान पर भवन की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। समय रहते कमजोर हिस्सों की पहचान कर मरम्मत कराई जानी जरूरी है।


300 करोड़ की लागत से बना अस्पताल, फिर उठे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

सेक्टर-39 का जिला अस्पताल करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इतनी बड़ी लागत से बने अस्पताल में बार-बार सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं। ऐसे में अगर सीलिंग का भारी हिस्सा किसी व्यक्ति के ऊपर गिर जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था। ताजा घटना में किसी के घायल नहीं होने से जरूर राहत मिली है, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच अस्पताल भवन की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता से जांच कराने की जरूरत महसूस की जा रही है।

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