नोएडा मेट्रो के दो नए कॉरिडोर को मिली रफ्तार, 75.56 करोड़ की सलाहकार एजेंसी नियुक्त, निर्माण कार्य की करेगी निगरानी
- Shiv Kumar
- 10 Aug, 2026
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) ने ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी और सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक प्रस्तावित दोनों मेट्रो रूटों के निर्माण की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। एनएमआरसी ने दोनों कॉरिडोर के निर्माण के लिए सलाहकार एजेंसी का चयन कर लिया है। इसके लिए आरवी एसोसिएट को जिम्मेदारी दी गई है। चयनित एजेंसी की निगरानी में दोनों रूटों के निर्माण से जुड़े तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। एनएमआरसी ने टेंडर प्रक्रिया में सलाहकार एजेंसी के लिए 75 करोड़ 56 लाख रुपये के भुगतान का प्रस्ताव रखा था। एजेंसी की जिम्मेदारी सिर्फ निर्माण की निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डिजाइन के अनुसार काम सुनिश्चित करना, निर्माण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं को दूर कराने में सहयोग करना और समय-समय पर निर्माण का ऑडिट करना भी शामिल होगा। एजेंसी अपनी रिपोर्ट एनएमआरसी को सौंपेगी, जिसके आधार पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। दोनों रूटों के बनने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आरवी एसोसिएट को मिली निर्माण निगरानी की जिम्मेदारी
एनएमआरसी ने दोनों प्रस्तावित मेट्रो रूटों के लिए सलाहकार एजेंसी का चयन कर लिया है। आरवी एसोसिएट को निर्माण से संबंधित निगरानी और तकनीकी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। एजेंसी यह सुनिश्चित करेगी कि मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण निर्धारित डिजाइन और तकनीकी मानकों के अनुसार हो। निर्माण के दौरान यदि किसी तरह की तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसके समाधान में भी एजेंसी की भूमिका रहेगी। इसके अलावा अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य का ऑडिट किया जा सकता है। इस निरीक्षण और ऑडिट के बाद एजेंसी अपनी रिपोर्ट एनएमआरसी को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक बनेगा 2.6 किमी रूट
प्रस्तावित दोनों रूटों में पहला कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक बनाया जाना है। इस मेट्रो रूट की लंबाई करीब 2.6 किलोमीटर होगी। डिपो से बोड़ाकी के बीच दो स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें जुनपत और बोड़ाकी स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर ग्रेटर नोएडा के डिपो क्षेत्र को बोड़ाकी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एनएमआरसी की योजना के तहत इस छोटे लेकिन अहम कॉरिडोर के निर्माण से भविष्य में क्षेत्र की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी कॉरिडोर
दूसरा प्रस्तावित मेट्रो रूट सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक बनाया जाना है। इसकी लंबाई करीब 11.56 किलोमीटर होगी। यह कॉरिडोर नोएडा के कई महत्वपूर्ण इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस रूट पर बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस सेक्टर-94 और सेक्टर-9 समेत कई स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस कॉरिडोर के विकसित होने से नोएडा के प्रमुख क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने और मौजूदा सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
तकनीकी निगरानी के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर रहेगा जोर
दोनों मेट्रो रूटों के निर्माण में सलाहकार एजेंसी की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि निर्माण के अलग-अलग चरणों में तकनीकी गुणवत्ता और डिजाइन के अनुरूप काम की निगरानी करनी होगी। एजेंसी बीच-बीच में निर्माण का ऑडिट कर अपनी रिपोर्ट एनएमआरसी को देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। एनएमआरसी द्वारा सलाहकार एजेंसी का चयन किए जाने के बाद अब दोनों कॉरिडोर से जुड़े निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण की समयसीमा और अन्य विस्तृत चरणों की जानकारी परियोजना की प्रगति के साथ सामने आएगी।
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