नोएडा सेक्टर-50 में 25 साल पुराने पेड़ों की कटाई से आक्रोश, बिजली के तारों के नाम पर वृक्ष काटने का आरोप, NGT दिशानिर्देशों का उल्लंघन
- Shiv Kumar
- 11 Aug, 2026
नोएडा सेक्टर-50 स्थित सेंट्रल पार्क के बाहर बिजली के तारों के नाम पर पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरण से जुड़े लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। सामाजिक कार्यकर्ता चौधरी बीसी प्रधान ने मौके का निरीक्षण कर आरोप लगाया कि करीब 20 से 25 वर्ष पुराने छायादार पेड़ों को काटकर केवल उनके तने छोड़ दिए गए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से ये पेड़ क्षेत्र में हरियाली बनाए रखने के साथ राहगीरों को छाया और पक्षियों को आश्रय देते रहे हैं। बड़े पैमाने पर हुई कटाई से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। चौधरी बीसी प्रधान ने आरोप लगाया कि बिजली के तारों से संबंधित काम के लिए पेड़ों को काटने के बजाय वैकल्पिक तकनीकी उपाय अपनाए जा सकते थे। उन्होंने इस कार्रवाई को पर्यावरण के लिए गंभीर नुकसान बताते हुए संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पेड़ों की कटाई को लेकर उठे सवाल
चौधरी बीसी प्रधान के मुताबिक, मौके पर कई पुराने और छायादार वृक्षों को जड़ से काट दिया गया है। उन्होंने कहा कि ये पेड़ करीब 25 वर्षों से क्षेत्र के पर्यावरण का हिस्सा रहे हैं। उनके अनुसार, पेड़ों से स्थानीय वातावरण को हरियाली और छाया मिलती थी, जबकि इन पर पक्षियों का भी आश्रय था। कटाई के बाद स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे रोकने की मांग उठाई है।
NGT के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप
सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई की कार्रवाई National Green Tribunal (NGT) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि बिजली के काम के दौरान पेड़ों को बचाने के लिए ABC केबल, अंडरग्राउंड केबलिंग या लाइन शिफ्टिंग जैसे विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इन विकल्पों को अपनाने के बजाय पेड़ों की कटाई का रास्ता चुना गया।
पर्यावरण कानूनों के तहत कार्रवाई की मांग
चौधरी बीसी प्रधान ने इस कार्रवाई को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नियमों के खिलाफ बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और वन संरक्षण से जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। हालांकि, इन कानूनों के उल्लंघन का अंतिम निर्धारण संबंधित सक्षम प्राधिकरण की जांच और प्रक्रिया के बाद ही होगा।
कटे पेड़ों के बदले 10 पौधे लगाने की मांग
पर्यावरण कार्यकर्ताओं की ओर से मांग की गई है कि सेक्टर-50 समेत जहां भी इस तरह पेड़ों की कटाई हो रही है, वहां तत्काल कार्रवाई रोककर स्थिति की समीक्षा की जाए। साथ ही कटाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच करने और काटे गए प्रत्येक पेड़ के बदले 10 नए पेड़ लगाने की समयबद्ध योजना सार्वजनिक करने की मांग की गई है। भविष्य में बिजली के काम के लिए ABC केबल और अंडरग्राउंड वायरिंग जैसे विकल्पों को प्राथमिकता देने की भी मांग उठाई गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
चौधरी बीसी प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की ओर से इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी पेड़ों और हरियाली के संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। उनका कहना है कि शहर के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
स्थानीय लोग भी मौके पर रहे मौजूद
पेड़ों की कटाई के निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासी मुकेश भाटी, राजीव गांधी, योगेश गुप्ता, ठाकुर राजबहादुर जादौन और सुदर्शन जैन समेत अन्य लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने भी पेड़ों की कटाई को लेकर अपनी नाराजगी जताई और संबंधित विभागों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
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