गांव के प्राचीन सार्वजनिक कुएं पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, डीएम और पुलिस से कार्रवाई की मांग

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ग्रेटर नोएडा के ननुआ का राजपुर गांव में प्राचीन सार्वजनिक कुएं और ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और दनकौर पुलिस से शिकायत कर पैमाइश, जांच, कथित अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र के ननुआ का राजपुर गांव में एक प्राचीन सार्वजनिक कुएं और ग्राम समाज की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने कुछ लोगों पर कुएं और आसपास की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। सोमवार दोपहर करीब दो बजे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और दनकौर पुलिस को शिकायत देकर मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यह कुआं सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि गांव की पुरानी आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। विवाह और दूसरे शुभ अवसरों पर यहां लंबे समय से कुआं पूजन की परंपरा निभाई जाती रही है। अब कथित कब्जे के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


कुएं के चारों ओर निर्माण कराने का आरोप

ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि गांव के प्राचीन सार्वजनिक कुएं का इस्तेमाल लंबे समय से सामुदायिक कार्यों के लिए होता रहा है। गौरव नागर, गोविंद नागर, अनु नागर समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने कुएं के चारों तरफ घेराबंदी कर दी है। इसके बाद कुएं के ऊपर लैंटर डालकर स्थायी निर्माण भी कर लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्माण के बाद कुएं का सार्वजनिक स्वरूप प्रभावित हुआ है और आम लोगों की पहुंच भी पहले जैसी नहीं रह गई। उनका आरोप है कि ग्राम समाज की जमीन पर भी कब्जे की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।


कुआं पूजन से रोकने और धमकाने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शादी और अन्य शुभ कार्यक्रमों के दौरान कुआं पूजन की पुरानी परंपरा निभाई जाती है। आरोप है कि अब कुछ लोगों की ओर से उन्हें वहां पूजा करने से रोका जाता है। ग्रामीणों ने विरोध करने पर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मामला केवल जमीन या निर्माण का नहीं है, बल्कि गांव की वर्षों पुरानी परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए प्रशासन को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन और कुएं की पैमाइश कराई जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।


पैमाइश कर अतिक्रमण हटाने की मांग

शिकायत के जरिए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और दनकौर पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पहले राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन की स्थिति और कुएं की सार्वजनिक प्रकृति की जांच होनी चाहिए। यदि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे हटाकर सार्वजनिक उपयोग बहाल कराया जाए। ग्रामीणों ने कथित कब्जे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल शिकायत के बाद प्रशासन और पुलिस स्तर पर मामले की जांच की मांग उठी है। अब देखना होगा कि जांच में जमीन और कुएं को लेकर क्या स्थिति सामने आती है।

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