1.13 करोड़ निवेश कर फंस गया कारोबारी, रकम निकालने की कोशिश पर आरोपियों ने तोड़ा संपर्क, एफआईआर दर्ज

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नोएडा के सेक्टर-49 निवासी कारोबारी से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 1.13 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई। जालसाजों ने वॉट्सऐप समूह और फर्जी वेबसाइट के जरिए भरोसा बनाया। रकम निकालने की कोशिश पर और पैसे मांगे गए। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा के सेक्टर-49 निवासी 42 वर्षीय कारोबारी से शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने 1.13 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पहले वॉट्सऐप के जरिए कारोबारी से संपर्क किया और खुद को शेयर बाजार का जानकार बताया। इसके बाद उन्हें एक समूह में जोड़कर एक वेबसाइट पर खाता बनवाया गया। शुरुआत में कारोबारी ने 50 हजार रुपये लगाए, जिसके बदले उन्हें 9 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया। रकम बढ़ती देखकर उन्हें लगा कि निवेश का तरीका सही है। भरोसा बढ़ने के बाद उन्होंने अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम जमा कर दी। जब उन्होंने अपना पैसा निकालना चाहा तो आरोपी बहाने बनाने लगे और बाद में संपर्क तोड़ दिया। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


वॉट्सऐप से शुरू हुई बातचीत, शेयर बाजार के नाम पर बनाया भरोसा

कारोबारी ने पुलिस को बताया कि 8 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक नंबर से संदेश आया था। बातचीत करने वाले व्यक्ति ने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताया और निवेश से अच्छी कमाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद कारोबारी को बीएनआई स्टॉक मार्केट कोच मुंबई नाम के वॉट्सऐप समूह में जोड़ दिया गया। यहां निवेश से जुड़ी जानकारी और मुनाफे के दावे किए जाते थे। आरोपियों ने कारोबारी की एक वेबसाइट पर पहचान भी बनाई और इसके बाद अलग-अलग खातों की जानकारी देकर निवेश के लिए रकम भेजने को कहा। शुरुआत में कारोबारी ने 50 हजार रुपये जमा किए। कुछ समय बाद खाते में 9 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया, जिससे उन्हें लगा कि वह सही जगह निवेश कर रहे हैं।


हर दिन मुनाफे के स्क्रीनशॉट भेजकर बढ़ाते रहे भरोसा

कारोबारी के अनुसार, रकम जमा कराने के बाद आरोपी उन्हें लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट भेजते थे। स्क्रीनशॉट में उनके निवेश पर रोजाना कमाई दिखाई जाती थी। इससे उनका भरोसा और मजबूत होता गया और उन्होंने धीरे-धीरे निवेश की रकम बढ़ानी शुरू कर दी। 14 दिसंबर को उन्होंने 10 लाख रुपये जमा किए। इसके बाद 17 दिसंबर को दो अलग-अलग लेनदेन में 30 लाख रुपये, 19 दिसंबर को 12 लाख रुपये और 31 दिसंबर को दो बार में 10 लाख रुपये समेत कई रकम भेजी गईं। अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करते-करते कुल 1.13 करोड़ रुपये जालसाजों तक पहुंच गए। कारोबारी को लगातार खाते में बढ़ती रकम दिखाई जा रही थी, इसलिए उन्हें काफी समय तक किसी तरह के फर्जीवाड़े का शक नहीं हुआ।


रकम निकालने की कोशिश की तो मांगे और पैसे

मार्च 2026 में कारोबारी को पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने अपने निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पैसा वापस करने के बजाय उनसे और रकम जमा करने को कहा। यहीं से कारोबारी को पूरे मामले पर शक हुआ। उन्होंने आरोपियों से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन धीरे-धीरे सभी ने जवाब देना बंद कर दिया। कारोबारी के मुताबिक, जून 2026 तक उन्हें यह साफ हो गया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। उन्होंने वॉट्सऐप पर दिए गए नंबरों पर फोन और संदेश किए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना पुलिस अब संबंधित बैंक खातों, लेनदेन और रकम के रास्ते की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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