नोएडा में 7, 000 करोड़ की लागत से बनेगा कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर, मेट्रो कनेक्टिविटी के साथ ग्रीन इनोवेशन पर जोर

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नोएडा के सेक्टर-94 में 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर विकसित होगा। परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर बनेगी। यहां होटल, सभागार, प्रदर्शनी केंद्र, कार्यालय और खुदरा बाजार जैसी सुविधाएं होंगी। मेट्रो कनेक्टिविटी, स्मार्ट पार्किंग और सौर ऊर्जा जैसी आधुनिक सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं।

नोएडा सेक्टर-94 में शहर की पहचान बदलने वाली बड़ी परियोजना आकार लेने जा रही है। यहां करीब 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन एंड हैबिटेट सेंटर विकसित किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर तैयार करेगा। खास बात यह है कि निर्माण पर प्राधिकरण को अपनी तरफ से कोई रकम खर्च नहीं करनी होगी। इसके उलट परियोजना से प्राधिकरण को जमीन की कीमत से करीब 3 हजार करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिलने का अनुमान है। इसके साथ ही हर महीने होने वाली आय में हिस्सेदारी भी मिलती रहेगी। परियोजना के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन प्रक्रिया के बाद कंपनियों के सवाल और सुझाव जानने के लिए 1 सितंबर को बैठक होगी, जबकि 18 सितंबर को प्री-बिड खोली जाएगी।


97 हजार वर्गमीटर जमीन पर होगा भव्य निर्माण

मास्टर प्लान-2031 के तहत सेक्टर-94 के भूखंड संख्या-4 और 5 पर इस परियोजना को विकसित किया जाना है। इसके लिए करीब 97 हजार वर्गमीटर जमीन उपलब्ध है, जिसकी कीमत लगभग 2 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। परियोजना का कुल निर्माण क्षेत्र करीब 2 लाख वर्गमीटर होगा। जमीन का भू-उपयोग व्यावसायिक रखा गया है, लेकिन डिजाइन तैयार करते समय मिश्रित भू-उपयोग का प्रावधान भी किया गया है। प्राधिकरण ने इस पूरे परिसर को करीब सात साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा है। यहां होटल, क्लब, स्टूडियो अपार्टमेंट, कार्यालय, आवासीय क्षेत्र, खुदरा बाजार, प्रदर्शनी और सम्मेलन जैसी कई सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी। इससे बड़े आयोजन कराने के लिए नोएडा में एक नया और आधुनिक केंद्र तैयार होगा।


दो बड़े सभागार से होटल और प्रदर्शनी केंद्र तक होंगी सुविधाएं

परियोजना में करीब 29,507 वर्गमीटर क्षेत्र में हैबिटेट टावर और लगभग 18 हजार वर्गमीटर में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। करीब 12,850 वर्गमीटर में प्रदर्शनी केंद्र होगा। परिसर में छह बैंक्वेट हॉल, होटल टावर, कार्यालय, सेवा अपार्टमेंट, आवासीय और खुदरा क्षेत्र भी प्रस्तावित हैं। यहां 2,050 और 750 दर्शक क्षमता वाले दो बड़े सभागार बनाए जाएंगे। इसके अलावा 150 कमरों का होटल, कला दीर्घा और खुले में कार्यक्रम कराने के लिए थिएटर भी होगा। प्रदर्शनी केंद्र के साथ अलग गतिविधि क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इस तरह एक ही जगह पर कारोबारी आयोजन, सम्मेलन, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।


मेट्रो से सीधा जुड़ाव, स्मार्ट सुविधाओं पर भी जोर

परियोजना को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी है। कन्वेंशन सेंटर को मेट्रो से सीधे जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे लोगों को परिसर तक पहुंचने में आसानी हो। पार्किंग के लिए अलग परिसर होगा और स्वचालित पार्किंग के साथ इलेक्ट्रॉनिक सूचना पट्ट की सुविधा दी जाएगी। परिसर में प्रवेश स्मार्ट कार्ड के माध्यम से करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। परियोजना को हरित और आधुनिक भवन के रूप में विकसित करने पर भी जोर है। पूरे परिसर में ऊर्जा बचाने वाली रोशनी लगाई जाएगी और करीब 0.5 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। होटल और रेस्तरां में सौर जल तापक लगाए जाएंगे। विद्युत वाहनों के लिए चार्जिंग केंद्र, बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था, पूर्ण वातानुकूलन, सीवरेज का शत-प्रतिशत शोधन और ठोस कचरा प्रबंधन भी परियोजना का हिस्सा होगा।

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