हिंडन रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट से बदलेगी नोएडा की तस्वीर, 29, 315 करोड़ की योजना से विकास को मिलेगी नई रफ्तार, जानें क्या है पूरा प्लान

top-news
नोएडा में हिंडन नदी के किनारे 25 किलोमीटर लंबे रिवरफ्रंट की ₹29,315 करोड़ की योजना तैयार की गई है। जानिए परियोजना में क्या-क्या काम होंगे, करीब 10 हजार परिवारों के पुनर्वास की योजना क्या है और इससे नोएडा की तस्वीर कैसे बदल सकती है।

नोएडा में हिंडन यानी हरनंदी नदी के किनारे की तस्वीर आने वाले वर्षों में बदलने की तैयारी है। नोएडा प्राधिकरण ने करीब ₹29,315 करोड़ की लागत से लगभग 25 किलोमीटर लंबे रिवरफ्रंट को विकसित करने की योजना तैयार की है। यह योजना लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर तैयार की जा रही है। प्रस्तावित परियोजना में सड़क निर्माण, तटबंध, जमीन का विकास, हरियाली और दूसरे सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं। सबसे अहम पहलू नदी किनारे रहने वाले करीब 10 हजार परिवारों के पुनर्वास का है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना को तीन चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसे 2031 तक पूरा करने की योजना है। परियोजना पर हाल में अधिकारियों की बैठक भी हुई है। हालांकि, जमीन, पुनर्वास और तकनीकी अड़चनों को दूर करना इसके लिए बड़ी चुनौती होगी।


क्या है ₹29,315 करोड़ की रिवरफ्रंट योजना

हिंडन रिवरफ्रंट योजना का मकसद नदी के आसपास के इलाके को व्यवस्थित और बेहतर बनाना है। प्रस्ताव के मुताबिक करीब 25 किलोमीटर हिस्से को विकसित किया जाएगा। इसमें सड़क, तटबंध, भूमि विकास, हरियाली और सार्वजनिक सुविधाओं पर काम होगा। परियोजना की अनुमानित लागत ₹29,315 करोड़ बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक इसे तीन चरणों में पूरा करने की तैयारी है।


प्रोजेक्ट का दायरा - 25 किलोमीटर हिस्सा

इस परियोजना का दायरा हिंडन नदी के करीब 25 किलोमीटर हिस्से तक बताया गया है। योजना में नदी के किनारे बेहतर सड़क नेटवर्क और तटबंध तैयार करने के साथ आसपास की जमीन को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे अभी बिखरे और अव्यवस्थित क्षेत्रों को भविष्य में बेहतर शहरी ढांचे से जोड़ने की कोशिश होगी।


गोमती रिवरफ्रंट लखनऊ से प्रेरणा

नोएडा की प्रस्तावित योजना लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट मॉडल से प्रेरित बताई जा रही है। इसका मतलब केवल नदी के किनारे सौंदर्यीकरण करना नहीं है, बल्कि सड़क, हरियाली, भूमि विकास और सार्वजनिक क्षेत्र को एक साथ विकसित करना है। नोएडा प्राधिकरण की योजना में नदी के आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित करने के साथ स्थानीय लोगों के पुनर्वास को भी शामिल किया गया है।


योजना में क्या-क्या शामिल है

प्रस्तावित परियोजना में कई तरह के विकास कार्य रखे गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार जमीन खरीद और विकास, छह लेन की सड़कों का निर्माण, तटबंध और हरियाली जैसे काम योजना का हिस्सा हैं। परियोजना में पुनर्वास के लिए भी अलग व्यवस्था प्रस्तावित है। इस तरह रिवरफ्रंट को केवल घूमने या सुंदर बनाने वाली परियोजना के बजाय बड़े शहरी विकास प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है।


सड़क निर्माण और भूमि विकास

रिवरफ्रंट योजना में सड़क नेटवर्क को अहम हिस्सा माना गया है। प्रस्ताव के अनुसार छह लेन की सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे नदी के आसपास के इलाकों में आवागमन बेहतर हो सकता है। इसके साथ जमीन के विकास का काम भी प्रस्तावित है। बेहतर सड़क और व्यवस्थित भूमि विकास से आसपास के क्षेत्रों को नोएडा के दूसरे हिस्सों से जोड़ने में मदद मिल सकती है। 


ग्रीन स्पेस और पार्क

रिवरफ्रंट योजना में हरियाली और सार्वजनिक उपयोग के स्थान विकसित करने का भी प्रस्ताव है। नदी के किनारे ग्रीन स्पेस विकसित होने से इलाके को ज्यादा व्यवस्थित और खुला स्वरूप मिल सकता है। ऐसे क्षेत्रों का इस्तेमाल लोगों के घूमने, बैठने और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, पार्क और मनोरंजन सुविधाओं का अंतिम स्वरूप परियोजना के विस्तृत डिजाइन और स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा। 


प्रभावित परिवारों का पुनर्वास

इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौतियों में नदी किनारे रहने वाले परिवारों का पुनर्वास शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 10 हजार परिवारों को पुनर्वास योजना में शामिल किया गया है। इसके लिए अलग बजट का प्रावधान बताया गया है। परियोजना को जमीन पर उतारने से पहले प्रभावित परिवारों की स्थिति, जमीन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को सुलझाना जरूरी होगा।


करीब 10,000 परिवारों को मिलेगा फायदा

योजना के तहत करीब 10 हजार परिवारों के पुनर्वास का प्रावधान है। इसका सीधा मतलब यह है कि परियोजना केवल सड़क और नदी विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे जुड़े परिवारों को भी योजना में शामिल किया गया है। अधिकारियों के सामने चुनौती यह होगी कि पुनर्वास की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो और प्रभावित परिवारों को उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके। पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया जमीन की पहचान, पात्र परिवारों की सूची और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर आगे बढ़ेगी। अभी परियोजना प्रस्ताव और शुरुआती स्तर की तैयारियां चल रही हैं, इसलिए हर परिवार को मिलने वाली सुविधा का अंतिम विवरण स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों को जमीन और पुनर्वास से जुड़ी अड़चनों को पहले दूर करना होगा। इसके बाद ही परियोजना के अलग-अलग चरणों में काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।


नोएडा के लिए इस प्रोजेक्ट का महत्व

हिंडन रिवरफ्रंट योजना नोएडा के लिए बड़े शहरी बदलाव की संभावना रखती है। अगर प्रस्तावित काम तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है तो नदी किनारे का क्षेत्र ज्यादा व्यवस्थित हो सकता है। बेहतर सड़क, तटबंध, हरियाली और भूमि विकास से आसपास की कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना की वास्तविक सफलता जमीन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को समय पर सुलझाने पर निर्भर करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *