नोएडा में बिजली कनेक्शन काटने पर बढ़ा विरोध, 6 सितंबर को डूब क्षेत्र में महापंचायत, महाआंदोलन की तैयारी

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नोएडा के छिजारसी और चोटपुर डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने के विरोध में 6 सितंबर को महापंचायत होगी। अब तक 3 हजार से ज्यादा कनेक्शन कट चुके हैं। बिजली बंद होने से पानी का संकट भी बढ़ा है, जबकि विद्युत निगम ने अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

नोएडा। सेक्टर-63 के छिजारसी और चोटपुर के डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। भारतीय किसान परिषद ने इस मुद्दे पर 6 सितंबर को पुश्ता रोड पर महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। महापंचायत को लेकर ग्रीन पार्क, गढ़ी चौखंडी समेत आसपास के इलाकों में बैठकें की जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन कॉलोनियों में कई वर्षों से बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं और बड़ी संख्या में परिवार यहां रह रहे हैं। ऐसे में अचानक बिजली कनेक्शन काटे जाने से हजारों परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। दूसरी ओर, विद्युत निगम का कहना है कि डूब क्षेत्र में अवैध कनेक्शनों और बिजली चोरी के खिलाफ अभियान नियमों के तहत जारी रहेगा।


13 हजार अवैध कनेक्शन मिले, 3 हजार से ज्यादा काटे गए

मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद विद्युत निगम ने छिजारसी और चोटपुर के डूब क्षेत्र में जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। निगम के अनुसार जांच के दौरान करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन पाए गए हैं। इनमें से अब तक 3 हजार से अधिक कनेक्शन काटे जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान निगम की टीमों ने कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर भी जब्त किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 10 ट्रांसफॉर्मर जब्त किए गए हैं। रविवार को छिजारसी और परथला गांव में विद्युत निगम तथा प्रवर्तन दल की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। इस दौरान अवैध कनेक्शनों को हटाया गया और बिजली चोरी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई। निगम अधिकारियों ने साफ किया है कि अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।


कनेक्शन काटने पहुंची टीम से लोगों की बहस

रविवार को बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों और विद्युत निगम की टीम के बीच बहस भी हुई। मौके के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। प्रदर्शन के दौरान शालिनी सिंह भी वहां पहुंचीं। वहीं भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि 6 सितंबर की महापंचायत में डूब क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को शासन, प्रशासन और विद्युत निगम के सामने रखा जाएगा। संगठन का कहना है कि लोगों को लंबे समय से बुनियादी सुविधाएं मिलती रही हैं और अब अचानक बिजली काटे जाने से स्थिति गंभीर हो गई है। परिषद ने संकेत दिया है कि यदि महापंचायत के बाद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो धरना और आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।


एक कनेक्शन से 80 से ज्यादा लोगों को बिजली देने का आरोप

विद्युत निगम की जांच के दौरान परथला गांव में 200 केवीए का एक कनेक्शन भी सामने आया। अधिकारियों के अनुसार इस कनेक्शन के जरिए 80 से अधिक लोगों को कथित तौर पर अवैध तरीके से बिजली उपलब्ध कराई जा रही थी। जांच में उपभोक्ताओं से 11 रुपये प्रति यूनिट और 300 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से रकम वसूले जाने की जानकारी भी सामने आने का दावा किया गया है। निगम की टीम ने कनेक्शन काटने के साथ केबल और अन्य बिजली उपकरण जब्त कर लिए। बिजली चोरी के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। निगम अब ऐसे अन्य कनेक्शनों की भी जांच कर रहा है, जहां अवैध तरीके से बिजली आपूर्ति किए जाने की शिकायत या आशंका है।


बिजली कटने के बाद पानी की समस्या भी बढ़ी

स्थानीय लोगों के मुताबिक बिजली आपूर्ति बंद होने का असर केवल रोशनी और घरेलू उपकरणों तक सीमित नहीं है, बल्कि पानी का संकट भी बढ़ गया है। इन कॉलोनियों में सरकारी जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में परिवार सबमर्सिबल पंप पर निर्भर हैं। बिजली कटने के बाद पंप नहीं चल पा रहे हैं और लोगों को पानी के लिए दूसरे विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ परिवार बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं, जबकि कई लोग टैंकर मंगाकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि डूब क्षेत्र में रहना और निर्माण प्रतिबंधित है तो यहां जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई और राजस्व तथा स्टांप शुल्क क्यों लिया गया। लोग बिजली ढांचे की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।


निगम बोला- अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी पर जारी रहेगी कार्रवाई

विद्युत निगम के मुख्य अभियंता एसके जैन ने कहा कि डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे और बिजली चोरी करने या कराने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं स्थानीय लोग अपनी समस्याओं को लेकर महापंचायत की तैयारी में जुटे हैं। विधायक पंकज सिंह ने भी बताया है कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित उच्च अधिकारियों से बातचीत की है। अब सभी की नजर 6 सितंबर को होने वाली महापंचायत पर है। इसमें स्थानीय लोग बिजली कनेक्शन काटे जाने, पानी की समस्या और क्षेत्र में लंबे समय से मौजूद सुविधाओं को लेकर अपनी बात रखेंगे। महापंचायत के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय होने की संभावना है।

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