चलती बस में किशोरी से गैंगरेप के बाद सख्ती, नोएडा में ट्रैवल एजेंसी के तीन दफ्तर बंद, 9 बसों पर भी कार्रवाई
- Shiv Kumar
- 02 Sep, 2026
मैनपुरी की 17 वर्षीय किशोरी से चलती स्लीपर बस में कथित गैंगरेप के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना सामने आने के बाद मंगलवार को नोएडा पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें सक्रिय हुईं और ट्रैवल एजेंसियों तथा निजी स्लीपर बसों की जांच शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान विश्वनाथ टूर एंड ट्रैवल्स के नोएडा और ग्रेटर नोएडा स्थित तीन दफ्तरों को बंद करा दिया गया। इसी एजेंसी की एक बस में किशोरी के साथ वारदात होने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर कुल नौ बसों को सीज कर मोरना बस अड्डे पर खड़ा कराया गया है।
मानवाधिकार आयोग ने लिया मामले का संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नरों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मीडिया में सामने आई खबरों का स्वतः संज्ञान लेते हुए दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इस बीच गिरफ्तार बस चालक कुलदीप के परिवार ने मामले को साजिश बताते हुए उसे निर्दोष बताया है। दूसरी ओर, पुलिस पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। किशोरी बस में कहां से सवार हुई थी और घटना के दौरान बस किस मार्ग से गुजरी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के आगे बढ़ने के साथ कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
परी चौक से सवार होने की बात पर पुलिस को संशय
नोएडा पुलिस के अधिकारियों ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस से भी मामले से जुड़ी जानकारी ली। जांच के दौरान किशोरी के परी चौक से बस में सवार होने की बात को लेकर स्थानीय पुलिस के स्तर पर संशय जताया जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि किशोरी किसी दूसरे स्थान से बस में सवार हुई हो सकती है। हालांकि, इस बारे में पुलिस की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। बस के संचालन, यात्रियों की जानकारी और संबंधित लोगों से पूछताछ जैसे पहलुओं पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
नोएडा-दिल्ली सीमा पर स्लीपर बसों की जांच तेज
डीसीपी साद मियां खान और एआरटीओ उदित नारायण पांडेय के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान छलेरा स्थित मुख्य कार्यालय समेत ट्रैवल एजेंसी के तीनों दफ्तर बंद कराए गए। बस मालिक अनिल जादौन से जुड़े ठिकानों की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही नोएडा-दिल्ली सीमा पर निजी स्लीपर बसों, ट्रैवल एजेंसियों और कैब की जांच बढ़ा दी गई है। जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर नौ बसों को सीज किया गया। अधिकारियों का कहना है कि परिवहन नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और निजी बस संचालन में नियमों के पालन को सख्ती से लागू कराना है।
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