दुष्कर्म कांड के बाद प्रशासन का कड़ा एक्शन, नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली बसों पर शिकंजा, 9 निजी बसें सीज

top-news
ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच चलती बस में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने निजी बसों की जांच तेज कर दी है। अभियान में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलने पर विश्वनाथ ट्रैवल्स समेत नौ बसें सीज की गई हैं।

ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलती बस में 17 वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद प्रशासन ने निजी बस संचालकों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त रूप से बसों की सघन जांच का अभियान शुरू किया है। अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियमों का उल्लंघन करने वाली विश्वनाथ ट्रैवल्स की बस समेत कुल नौ निजी बसों को सीज किया गया है। परिवहन विभाग ने इन बसों को सेक्टर-44 स्थित छलेरा से जब्त कर मोरना डिपो में खड़ा कराया है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।


बसों में सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल

बीते 4 अगस्त को जिस विश्वनाथ ट्रैवल्स की बस में नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी, जांच के दौरान उसी ट्रेवल्स और अन्य निजी बसों में कई गंभीर खामियां सामने आईं। सीज की गई बसों की खिड़कियों पर गहरे रंग के पर्दे लगे मिले। कई बसों में शीशे से अवैध रूप से बंद निजी केबिन भी बनाए गए थे। जांच के दौरान इन बसों में सीसीटीवी कैमरे और आपात स्थिति में यात्रियों की मदद के लिए पैनिक बटन भी नहीं मिले। प्रशासन ने इन कमियों को यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना है। कार्रवाई के बाद जब्त बसों को मोरना डिपो में खड़ा कराया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।


696 निजी बसों के संचालन पर रखी जाएगी नजर

गौतमबुद्ध नगर में कुल 696 निजी बसें पंजीकृत हैं, जिनका संचालन 90 अलग-अलग संचालकों द्वारा किया जाता है। इनमें अधिकतर बसें बॉटनिकल गार्डन से चलती हैं, लेकिन कई जगहों पर सड़क के बीच बसें रोककर सवारियां बैठाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। चिल्ला बॉर्डर, महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-52, सेक्टर-76, मॉडल टाउन, छिजारसी, एडवंट और जीरो प्वाइंट समेत कई स्थानों पर बसों के इस तरह रुकने से यातायात प्रभावित होता है। इससे एक्सप्रेसवे और हाईवे पर दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। ट्रैफिक पुलिस ने ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के साथ बैठक कर संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों और यातायात नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की जाएगी।


अभियान आगे भी जारी रखने की तैयारी

डीसीपी ट्रैफिक गौतमबुद्ध नगर अभय मिश्रा के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई से साफ है कि निजी बसों में सुरक्षा मानकों की जांच को लेकर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बसों में आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनके संचालन और सड़क पर रुकने के तरीके की भी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर बसों को सीज करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। ट्रैफिक विभाग ने साफ किया है कि यह जांच अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *