नोएडा प्राधिकरण कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल मिलते ही मचा हड़कंप, घंटों चला तलाशी अभियान
- Shiv Kumar
- 04 Sep, 2026
नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय को गुरुवार दोपहर बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। प्राधिकरण के आधिकारिक ई-मेल पर करीब 12 बजे धमकी भरा संदेश आया। ई-मेल मिलते ही अधिकारियों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद संबंधित थाने की पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीम प्राधिकरण कार्यालय पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने पूरी इमारत में तलाशी अभियान चलाया। बेसमेंट से लेकर सातवीं मंजिल तक चप्पे-चप्पे की जांच की गई। उस समय कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे, जबकि कई आवंटी भी अपने काम से पहुंचे हुए थे। सभी को सतर्क किया गया और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। काफी देर तक चली जांच के बाद पुलिस को कहीं भी बम या कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
बेसमेंट से सातवीं मंजिल तक खंगाला पूरा परिसर
धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सुरक्षा जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम के साथ डॉग स्क्वायड ने प्राधिकरण कार्यालय के अलग-अलग हिस्सों की बारीकी से जांच की। बेसमेंट, कार्यालय कक्ष, गलियारों और अन्य स्थानों के साथ सातवीं मंजिल तक तलाशी ली गई। जांच के दौरान कार्यालय में मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और आवंटियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ा दी गई। तलाशी अभियान के दौरान हर संभावित स्थान की जांच की गई, ताकि किसी तरह की संदिग्ध वस्तु होने की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके। काफी देर तक चली इस कार्रवाई में पुलिस को कोई बम या संदिग्ध सामान नहीं मिला।
शुरुआती जांच में हॉक्स मेल की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में धमकी भरे ई-मेल को हॉक्स मेल यानी फर्जी धमकी वाला संदेश माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस इसे हल्के में नहीं ले रही है और ई-मेल भेजने वाले तक पहुंचने के लिए जांच जारी है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल कहां से भेजा गया, इसकी जानकारी साइबर सेल जुटा रही है। पुलिस ई-मेल के आईपी एड्रेस और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके जरिए मेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि धमकी भेजने के पीछे क्या मकसद था और क्या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह शामिल है।
जांच के बाद कार्यालय में सामान्य हुई स्थिति
तलाशी अभियान के दौरान प्राधिकरण परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पुलिस और डॉग स्क्वायड की जांच पूरी होने के बाद जब किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली तो वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल पुलिस मामले की जांच डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि धमकी को लेकर सभी जरूरी सावधानियां बरती गई हैं। साइबर सेल की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी भरा ई-मेल किसने भेजा था और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।
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