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नोएडा में 23 बिल्डरों पर प्राधिकरण सख्त, 75 प्रतिशत बकाया रकम जमा नहीं करने पर नोटिस, 6, 807 फ्लैटों की रजिस्ट्री पूरी

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नोएडा प्राधिकरण ने पुरानी अटकी बिल्डर परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए 23 बिल्डरों को बकाया राशि जमा कराने का नोटिस जारी किया है। 57 परियोजनाओं में अब तक 872.12 करोड़ रुपये जमा हुए हैं और 6,807 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है।

नोएडा में वर्षों से अटकी बिल्डर परियोजनाओं को पूरा कराने और फ्लैटों की रजिस्ट्री तेज करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अब सख्ती शुरू कर दी है। शासन की नीति के तहत कुल देय राशि का 25 प्रतिशत जमा कर चुके, लेकिन बाकी 75 प्रतिशत राशि नहीं देने वाले 23 बिल्डरों को प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है। इन बिल्डरों से बकाया रकम जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और खरीदारों के फ्लैटों की रजिस्ट्री कराने का रास्ता साफ हो सके। प्राधिकरण बोर्ड ने अप्रैल में भी निर्देश दिए थे कि जिन परियोजनाओं में 25 प्रतिशत राशि जमा हो चुकी है, वहां बाकी रकम जमा कराने के साथ रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज की जाए।


57 रुकी परियोजनाएं नीति के दायरे में शामिल

पुरानी रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए लागू शासन की नीति के तहत नोएडा में कुल 57 परियोजनाओं को शामिल किया गया है। प्राधिकरण के अनुसार इनमें से 36 परियोजनाओं ने नेट देय राशि के 25 प्रतिशत के सापेक्ष 540.75 करोड़ रुपये जमा किए हैं। इसके अलावा 11 परियोजनाओं ने आंशिक रूप से 20.60 करोड़ रुपये जमा किए हैं। चार बिल्डरों ने नीति के तहत सहमति तो दी, लेकिन अभी तक पैसा जमा नहीं कराया है। वहीं छह बिल्डरों ने न तो सहमति दी और न ही कोई राशि जमा की। इस तरह 57 परियोजनाओं से 25 प्रतिशत और आंशिक भुगतान के रूप में कुल 561.35 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।


21 आवंटियों ने 25 प्रतिशत राशि भी नहीं जमा की

प्राधिकरण के मुताबिक 21 ऐसे आवंटी भी हैं, जिन्होंने कुल देय राशि का 25 प्रतिशत तक जमा नहीं किया है। इनमें से 20 को 12 अगस्त को नोटिस जारी कर 25 प्रतिशत राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। एक अन्य मामले में आरजी रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड की देय राशि की दोबारा गणना की जा रही है। प्राधिकरण का प्रयास है कि नीति के तहत अधिक से अधिक बिल्डर बकाया राशि जमा करें, जिससे लंबे समय से रुके प्रोजेक्टों में निर्माण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। इसके लिए बिल्डरों के साथ लगातार बैठकें भी की जा रही हैं।


6807 फ्लैटों की हो चुकी रजिस्ट्री

इन 57 परियोजनाओं में कुल 21,034 फ्लैट ऐसे थे, जिनकी रजिस्ट्री नहीं हुई थी। जिन परियोजनाओं में 25 प्रतिशत राशि जमा की गई, उनमें रजिस्ट्री की अनुमति दी गई है। प्राधिकरण के अनुसार 31 अगस्त 2026 तक 6,807 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। जमा धनराशि के सापेक्ष करीब 70 प्रतिशत रजिस्ट्रियां कराई जा चुकी हैं। 25 प्रतिशत राशि, आंशिक भुगतान और किश्तों आदि को मिलाकर अब तक कुल 872.12 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। प्राधिकरण का कहना है कि लंबित रजिस्ट्रियों को जल्द पूरा कराने के लिए रजिस्ट्री कैंप लगाए जा रहे हैं और बिल्डरों के साथ बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं।


इन 23 बिल्डरों को जारी हुआ नोटिस

प्राधिकरण की ओर से नोटिस पाने वाले बिल्डरों में इम्पीरियल हाउसिंग वेंचर्स, नेक्सजेन इंफ्राकॉन, लॉरेट बिल्डवेल, गुलशन होम्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, स्काईटेक कंस्ट्रक्शन, सनवर्ल्ड रेजीडेंसी, सीजन्स हेवन, गार्डेनिया शेल्टर्स, जेएम हाउसिंग, प्रतीक बिल्डटेक, एसडीएस इंफ्राटेक, ओमैक्स बिल्डहोम, एम्स प्रमोटर्स, प्रतीक इंफ्रा प्रोजेक्ट्स, जेएम इंफ्राटेक, सनवर्ल्ड डेवलपर्स, ओमैक्स बिल्डवेल, पैन रियलटर्स, ग्रेटवैल्यू प्रोजेक्ट्स इंडिया, कलरफुल एस्टेट्स, एक्सप्रेस बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स, एवीपी बिल्डटेक और प्रतीक रियलटर्स इंडिया शामिल हैं।

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