नोएडा प्राधिकरण में ट्रैक्टर लेकर पहुंचे राकेश टिकैत, किसानों की 17 मांगों पर दो घंटे चली बैठक
- Shiv Kumar
- 16 Sep, 2026
नोएडा के सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी धरनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों के अनुरोध पर वह किसानों की समस्याओं को लेकर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश के साथ वार्ता के लिए तैयार हुए। इसके बाद राकेश टिकैत सैकड़ों किसानों के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर प्राधिकरण कार्यालय के अंदर पहुंचे। किसानों की मांगों में विकसित भूखंड, मुआवजा और आबादी से जुड़े मामलों का समाधान प्रमुख है। हालिया प्रदर्शन में भी किसानों ने अधिग्रहित जमीन के बदले विकसित भूखंड और अतिरिक्त मुआवजे की मांग उठाई है।
ट्रैक्टर लेकर प्राधिकरण के अंदर पहुंचे राकेश टिकैत
राकेश टिकैत ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण के अंदर पहुंचने वाला यह पहला ट्रैक्टर है और किसानों की समस्याओं को लेकर यहां पहली बार धरना आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और लंबा और व्यापक किया जाएगा। इसके बाद उनकी अध्यक्षता में करीब दो घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों के 17 सूत्रीय मांगपत्र पर विस्तार से चर्चा की गई। इसका संचालन भाकियू गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने किया। इससे पहले भी किसान नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरणों के सामने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं।
200 पात्र किसानों को जल्द मिलेगा विकसित भूखंड
बैठक में प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश ने आश्वासन दिया कि जल्द ही 200 पात्र किसानों को विकसित भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा कृषक किसान योजना के तहत आवासीय भूखंड की योजना जल्द निकालने की बात भी कही गई। किसानों की लंबे समय से विकसित भूखंड आवंटन की मांग रही है। हालिया प्रदर्शनों में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। किसानों का कहना है कि अधिग्रहित जमीन के बदले उन्हें उनके अधिकार के अनुसार विकसित भूखंड और उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
लैंड बैंक से बचे किसानों को भी भूखंड देने की तैयारी
बैठक में बताया गया कि 200 पात्र किसानों को भूखंड देने के बाद भी जो किसान विकसित भूखंड से वंचित रह जाएंगे, उनके लिए लैंड बैंक का इस्तेमाल किया जाएगा। जरूरत के अनुसार लैंड यूज में बदलाव कर ऐसे किसानों को भी विकसित भूखंड देने की बात कही गई। इसके साथ ही गांवों का विकास सेक्टर की तर्ज पर कराने और आबादी विनियमन से जुड़े मामलों पर काम करने का आश्वासन दिया गया। प्राधिकरण की ओर से सीईओ कृष्णा करुणेश के साथ एसीईओ पुष्पराज सिंह, ओएसडी क्रांति शेखर, ओएसडी हर्षिता तिवारी, डीजीएम आरपी सिंह, एसके सिंह, एके अरोड़ा और मीणा भार्गव समेत संबंधित अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
वार्ता के बाद आगे के आंदोलन पर होगा फैसला
बैठक समाप्त होने के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि प्राधिकरण अधिकारियों के साथ हुई वार्ता की समीक्षा की जाएगी और इसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। किसानों की मांगों को लेकर गौतमबुद्ध नगर में प्रदर्शन लगातार जारी है। हालिया धरनों में किसानों ने विकसित भूखंड और अतिरिक्त मुआवजे के साथ आबादी से जुड़े मामलों के निस्तारण की मांग उठाई है।
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