नोएडा में सर्वर हैकिंग से 2.42 करोड़ की ठगी का मामला, 28 खातों में ट्रांसफर हुई रकम, साइबर सेल खंगाल रही रिकॉर्ड
- Shiv Kumar
- 17 Sep, 2026
नोएडा के सेक्टर-65 स्थित एक फिनटेक कंपनी के सर्वर में सेंध लगाकर साइबर ठगों ने करोड़ों रुपये की रकम दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। आरोपियों ने कंपनी के एपीआई पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए करीब आठ घंटे के भीतर 497 ट्रांजेक्शन किए और कुल 2 करोड़ 42 लाख 62 हजार 576 रुपये निकाल लिए। रकम 28 अलग-अलग बैंकों के 58 खातों में भेजी गई। ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान कंपनी को सर्वर हैक होने की जानकारी मिली, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। कंपनी के डायरेक्टर राजकुमार की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सर्वर तक आरोपियों ने कैसे पहुंच बनाई और इस साइबर ठगी के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
मोबाइल रिचार्ज से मनी ट्रांसफर तक देती है सेवाएं
सेक्टर-65 की रिनोवा पेटेक प्राइवेट लिमिटेड फिनटेक सेवाओं से जुड़ी कंपनी है। कंपनी की ओर से मोबाइल रिचार्ज, बिल भुगतान, आधार के जरिए नकद निकासी और घरेलू मनी ट्रांसफर जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। डायरेक्टर राजकुमार के मुताबिक, 13 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे से शाम 8 बजे के बीच कंपनी के सर्वर में सेंध लगाई गई। इसी अवधि में आरोपियों ने कंपनी के एपीआई पोर्टल का इस्तेमाल करते हुए लगातार रकम दूसरे खातों में भेजी। कुछ ही घंटों में सैकड़ों ट्रांजेक्शन किए जाने के बाद जब कंपनी ने लेनदेन की पड़ताल की तो पूरे मामले का पता चला।
28 बैंकों के 58 खातों में भेजी गई रकम
जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने एक ही खाते में रकम भेजने के बजाय उसे अलग-अलग बैंक खातों में बांट दिया। कंपनी के अनुसार, 2.42 करोड़ रुपये की रकम 28 बैंकों में खुले 58 खातों में ट्रांसफर की गई। इतने बड़े पैमाने पर लेनदेन होने के बाद कंपनी ने संबंधित ट्रांजेक्शन की जांच शुरू की। इसके बाद सर्वर और एपीआई पोर्टल के साथ छेड़छाड़ की जानकारी सामने आई। कंपनी ने मामले की शिकायत नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी की है। पुलिस अब संबंधित बैंक खातों के धारकों और उनके बीच हुए लेनदेन का ब्योरा जुटा रही है।
सर्वर और एपीआई पोर्टल की तकनीकी जांच
मामला सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने कंपनी के सर्वर तक पहुंच कैसे बनाई और एपीआई पोर्टल के जरिए लेनदेन करने के लिए किस तरह की सेंध लगाई। पुलिस 58 बैंक खातों में भेजी गई रकम की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही यह जानकारी जुटाई जा रही है कि इन खातों से पैसा आगे किन खातों में भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी जांच और बैंक लेनदेन से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद साइबर ठगी में शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
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