न OTP शेयर किया, न बैंक अकाउंट का एक्सेस दिया, फिर भी खाते से निकल गए 4.66 लाख, नोएडा पुलिस जांच में जुटी
- Shiv Kumar
- 20 Sep, 2026
नोएडा के सेक्टर-74 स्थित सोसाइटी में रहने वाले एक बुजुर्ग के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने 4 लाख 66 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित त्रिभुवन सिंह के मुताबिक, 5 और 6 सितंबर के बीच उनके खाते से कई बार अनधिकृत लेनदेन किए गए और रकम अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर हो गई। उनका कहना है कि उन्होंने किसी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा नहीं किया था और न ही बैंक खाते का किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। इसके बावजूद खाते से रकम निकलने के बाद उन्हें साइबर ठगी का पता चला। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की है। इससे पहले 7 सितंबर को उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अब लेनदेन की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।
दो दिन में कई बार खाते से हुआ लेनदेन
त्रिभुवन सिंह ने पुलिस को बताया कि 5 से 6 सितंबर के दौरान उनके बैंक खाते से कई बार रकम निकाली और ट्रांसफर की गई। खाते से पैसे निकलने के बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी को ओटीपी नहीं बताया और न ही खाते से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को दी थी। इसके बावजूद रकम खाते से निकल गई। घटना के बाद उन्होंने तत्काल साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब बैंक खाते से हुए प्रत्येक लेनदेन का विवरण जुटा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रकम किस माध्यम से और किन खातों में पहुंची।
राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित ने 7 सितंबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला साइबर क्राइम थाने तक पहुंचा। पुलिस ने शिकायत की जांच आईटी सेल, नोएडा को सौंप दी है। जांच टीम खाते से जुड़े लेनदेन और तकनीकी जानकारी की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि रकम जिन खातों में गई, वे किन लोगों के नाम पर हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है। साइबर अपराध के मामलों में राष्ट्रीय पोर्टल के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
बिना ओटीपी रकम निकलने की वजह तलाश रही पुलिस
इस मामले में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि ओटीपी साझा किए बिना खाते से रकम कैसे निकल गई। पुलिस लेनदेन के तरीके की जांच कर रही है। मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यम से खाते तक अनधिकृत पहुंच की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले ठगी के तरीके को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस बैंक से संबंधित तकनीकी जानकारी और लेनदेन का विवरण जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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