DND से सेक्टर-62 तक 6 लेन एलिवेटेड रोड का रास्ता साफ, 5.43 किमी लंबे प्रोजेक्ट पर 700 करोड़ रुपये होंगे खर्च
- Shiv Kumar
- 20 Sep, 2026
दिल्ली से डीएनडी के रास्ते नोएडा और आगे सेक्टर-62 की ओर जाने वाले वाहन चालकों को आने वाले समय में जाम से राहत मिल सकती है। नोएडा प्राधिकरण ने एमपी-1 मार्ग पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने का काम आईआईटी रुड़की को सौंपा है। प्राधिकरण के मुताबिक, डीपीआर 25 सितंबर तक मिलने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजना को मंजूरी मिलने पर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। करीब 5.43 किलोमीटर लंबी यह छह लेन की एलिवेटेड रोड सेक्टर-3 से शुरू होकर सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-12/22 टी-प्वाइंट और सेक्टर-57 होते हुए सेक्टर-60 तक प्रस्तावित है। सेक्टर-60 पर इसे एमपी-2 मार्ग से जोड़ने की योजना है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 700 करोड़ रुपये बताई गई है।
डीपीआर में सेक्टर-12/22 का कर्व सबसे अहम
प्रस्तावित मार्ग में सेक्टर-12/22 का टी-प्वाइंट तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां एलिवेटेड रोड को मोड़ देने पर करीब 90 डिग्री का घुमाव बनता है। ऐसे में आईआईटी रुड़की की ओर से तैयार की जा रही डीपीआर में इस हिस्से के डिजाइन और यातायात सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परियोजना का उद्देश्य मौजूदा एमपी-1 मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करना और दिल्ली की तरफ से आने वाले यातायात को बिना बार-बार रुकावट के आगे बढ़ाना है। प्राधिकरण पहले ही इस मार्ग की व्यवहार्यता पर काम कर चुका है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के जरिए निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं, लागत और डिजाइन को अंतिम रूप दिया जाना है।
छह लेन की होगी एलिवेटेड रोड, 700 करोड़ का अनुमान
प्राधिकरण के अनुसार, एलिवेटेड रोड करीब छह लेन की होगी और इसकी लंबाई लगभग 5.4 किलोमीटर है। परियोजना पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, हालांकि अंतिम लागत डीपीआर तैयार होने के बाद स्पष्ट होगी। इस मार्ग के बनने से डीएनडी से सेक्टर-57 और आसपास के सेक्टरों की ओर जाने वाले यातायात को मौजूदा जाम वाले हिस्सों से बचने का वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। प्रस्तावित गलियारा एमपी-1 और एमपी-2 मार्ग को बेहतर तरीके से जोड़ने में भी मदद करेगा। प्राधिकरण के मुताबिक, डीपीआर तैयार होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद इस मार्ग को शहर के प्रमुख यातायात गलियारों में शामिल किए जाने की योजना है।
रजनीगंधा से सेक्टर-12/22 तक पीक ऑवर में दबाव
एमपी-1 मार्ग पर सुबह और शाम व्यस्त समय में वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। रजनीगंधा से सेक्टर-12/22/56 तिराहे तक कई बार वाहन धीमी गति से चलते हैं। इस मार्ग से नोएडा के औद्योगिक और आवासीय सेक्टरों के अलावा दिल्ली, खोड़ा और इंदिरापुरम की ओर जाने वाला यातायात भी गुजरता है। प्राधिकरण के मुताबिक, भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस मार्ग पर अतिरिक्त यातायात क्षमता तैयार करना जरूरी है। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम होने और दिल्ली से नोएडा के विभिन्न सेक्टरों के बीच आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
निर्माण के बाद दो साल में पूरा करने का लक्ष्य
डीपीआर मिलने के बाद परियोजना की मंजूरी और निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्राधिकरण की योजना निर्माण शुरू होने के बाद करीब दो साल में एलिवेटेड रोड तैयार करने की है। इस परियोजना से दिल्ली के डीएनडी क्षेत्र से नोएडा के सेक्टर-3, 10, 12, 22, 57 और 60 तक यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। सेक्टर-60 पर एमपी-2 से जुड़ने के बाद यह मार्ग शहर के दूसरे हिस्सों के लिए भी उपयोगी होगा। फिलहाल परियोजना डीपीआर के चरण में है और अंतिम डिजाइन, लागत व निर्माण की विस्तृत रूपरेखा रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगी।
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