ग्रेटर नोएडा वेस्ट किसान चौक अंडरपास निर्माण: दो हफ्ते ट्रैफिक डायवर्जन, जानें वैकल्पिक रूट

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक पर अंडरपास के ऊपर पीक्यूसी सड़क निर्माण के चलते करीब दो सप्ताह ट्रैफिक प्रभावित रहा। 25 मीटर हिस्से का निर्माण पूरा हो चुका है। क्योरिंग के बाद सड़क खुलने की तैयारी है, जिससे किसान चौक और पर्थला की तरफ यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक यानी गौर चौक पर अंडरपास निर्माण के चलते सितंबर की शुरुआत में शुरू हुआ ट्रैफिक डायवर्जन वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना। अंडरपास के ऊपर मुख्य सड़क पर पक्की कंक्रीट यानी पीक्यूसी सड़क बनाने के लिए दोनों तरफ करीब 25-25 मीटर हिस्से में काम किया गया। किसान चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का बेहद व्यस्त जंक्शन है और यहां से बड़ी संख्या में लोग नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और आसपास की सोसायटियों की तरफ आते-जाते हैं। ऐसे में सड़क का हिस्सा बंद होने से पीक ऑवर में वाहनों का दबाव बढ़ गया और कई मौकों पर जाम किसान चौक से आगे पर्थला तक पहुंचा। प्राधिकरण ने काम को करीब दो सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य रखा था। अब 19 सितंबर तक 45 मीटर चौड़ी सड़क के प्रभावित हिस्से में 25 मीटर चौड़ी पीक्यूसी सड़क का निर्माण पूरा होने की जानकारी सामने आई है। सड़क की क्योरिंग प्रक्रिया के बाद इसे यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। यानी लंबे समय से चल रही परेशानी अब धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।


क्यों हो रहा है ट्रैफिक डायवर्जन

किसान चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव की मुख्य वजह अंडरपास के ऊपर सड़क निर्माण का काम था। अंडरपास तैयार होने के बाद उसके ऊपर से गुजरने वाली सड़क को मजबूत बनाने के लिए पीक्यूसी यानी पक्की कंक्रीट सड़क बिछाई जा रही थी। निर्माण के दौरान भारी मशीनों और कर्मचारियों की आवाजाही के कारण सड़क के हिस्से को बैरिकेड कर यातायात सीमित करना जरूरी था। दोनों तरफ करीब 25-25 मीटर हिस्से में काम होने से सामान्य यातायात प्रभावित हुआ। किसान चौक पहले से ही व्यस्त मार्ग है, इसलिए सड़क का हिस्सा बंद होने पर वाहनों की कतार बढ़ गई। ट्रैफिक पुलिस को मौके पर तैनात किया गया और जरूरत के अनुसार यातायात व्यवस्था बदली गई।


निर्माण कार्य की जानकारी

गौर चौक अंडरपास के ऊपर 45 मीटर चौड़ी सड़क के हिस्से में काम किया गया। इसमें करीब 25 मीटर हिस्से पर पीक्यूसी सड़क का निर्माण किया गया। निर्माण के दौरान इस हिस्से पर बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे वाहन सीमित जगह से गुजर रहे थे। इसका असर खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में दिखाई दिया। रिपोर्टों के अनुसार कई बार जाम पर्थला की तरफ तक पहुंच गया और वाहन चालकों को काफी समय तक फंसे रहना पड़ा। अब 19 सितंबर तक पीक्यूसी सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। सड़क को यातायात के लिए खोलने से पहले कंक्रीट को जरूरी समय तक मजबूत होने दिया जा रहा है। इसके बाद वाहनों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद है।


कब तक चलेगा काम

सितंबर की शुरुआत में प्राधिकरण की ओर से बताया गया था कि किसान चौक पर चल रहा यह विशेष सड़क निर्माण कार्य करीब दो सप्ताह में पूरा हो जाएगा। 3 सितंबर से ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव शुरू हुआ था। इस दौरान निर्माण स्थल पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रही। 19 सितंबर तक प्रभावित 25 मीटर हिस्से में पीक्यूसी सड़क का काम पूरा होने की जानकारी सामने आ चुकी है। अब सड़क की क्योरिंग पूरी होने के बाद यातायात बहाल करने की तैयारी है। इसका मतलब है कि शुरुआती दो सप्ताह वाला मुख्य निर्माण चरण पूरा हो चुका है, लेकिन वाहन चालकों को तुरंत पूरी तरह सामान्य स्थिति मानने के बजाय मौके पर लगे बैरिकेड और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करना चाहिए।


वैकल्पिक रूट कौन-कौन से हैं

निर्माण के दौरान किसान चौक पर दबाव बढ़ने की स्थिति में यातायात को आसपास की सड़कों और उपलब्ध वैकल्पिक मार्गों की तरफ मोड़ा गया। नोएडा या ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तरफ जाने वाले वाहन चालक अपनी मंजिल के अनुसार पर्थला, 130 मीटर रोड और आसपास की सर्विस रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन मौके की स्थिति के हिसाब से रूट में बदलाव संभव है। निर्माण अवधि में प्राधिकरण ने जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही थी। इसलिए किसी एक रास्ते को हर वाहन के लिए स्थायी वैकल्पिक रूट मानना ठीक नहीं होगा। खासकर पीक ऑवर में निकलने वाले लोग लाइव ट्रैफिक स्थिति देखकर ही रास्ता चुनें और किसान चौक के पास तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देश को प्राथमिकता दें।


यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव

किसान चौक से रोजाना गुजरने वाले लोगों को निर्माण और सड़क खुलने की प्रक्रिया के दौरान थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना चाहिए। सुबह और शाम के व्यस्त समय में किसान चौक, गौर सिटी और पर्थला की तरफ वाहनों का दबाव बढ़ सकता है। जिन लोगों को जरूरी काम नहीं है, वे पीक ऑवर में इस हिस्से से बचकर निकल सकते हैं। वाहन चालकों को बैरिकेड हटाकर बंद हिस्से में जाने या गलत दिशा से निकलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सड़क खुलने के बाद भी कुछ समय तक यातायात व्यवस्था सामान्य होने में लग सकता है। पुलिसकर्मियों के निर्देश, संकेतक और मौके पर लगाए गए डायवर्जन का पालन करना सबसे जरूरी है। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता देना भी वाहन चालकों की जिम्मेदारी है।

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