रामलीला 2026 के लिए सज रहा नोएडा-ग्रेटर नोएडा, जानिए तारीख और स्थान का पूरा शेड्यूल

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नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रामलीला 2026 की तैयारियां तेज हैं। सेक्टर-21ए, सेक्टर-46, साइट-4, पाई-1 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अलग-अलग तारीखों पर आयोजन होंगे। इस बार भव्य पंडाल, राम बारात, पारंपरिक झांकियों के साथ एलईडी स्क्रीन, आधुनिक लाइटिंग और साउंड इफेक्ट भी आकर्षण रहेंगे।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रामलीला 2026 को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला कमेटियां मंच, पंडाल, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और कलाकारों की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। इस बार नोएडा के सेक्टर-21ए और सेक्टर-46 से लेकर ग्रेटर नोएडा के साइट-4, सेक्टर पाई-1 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक कई बड़े आयोजन होने जा रहे हैं। अधिकतर प्रमुख रामलीलाओं का मंचन 11 अक्टूबर के आसपास शुरू होगा, जबकि अलग-अलग स्थानों पर समापन की तारीख अलग रखी गई है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 10 से 24 अक्टूबर तक चलने वाली रामलीला में अयोध्या मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल और राम बारात आकर्षण का केंद्र रहेगी। वहीं सेक्टर पाई-1 में आधुनिक प्रकाश, ध्वनि और एलईडी स्क्रीन के साथ मंच तैयार किया जा रहा है। नोएडा के सेक्टर-46 में 11 से 22 अक्टूबर तक रामलीला होगी और सेक्टर-21ए में भी आयोजन की तैयारी चल रही है। ऐसे में इस बार शहरवासियों को अलग-अलग इलाकों में पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक मंचीय प्रस्तुति देखने का मौका मिलेगा।


रामलीला की तारीख और आयोजन स्थल

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में इस बार कई प्रमुख स्थानों पर रामलीला का आयोजन होगा। नोएडा सेक्टर-46 के रामलीला मैदान में 11 से 22 अक्टूबर तक रामलीला मंचन की तैयारी है। सेक्टर-21ए के रामलीला मैदान में भी आयोजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ग्रेटर नोएडा में साइट-4 पर विजय महोत्सव 11 से 21 अक्टूबर तक होगा, जबकि सेक्टर पाई-1 के ऐछर-बिरौड़ा स्थित मैदान में 11 से 20 अक्टूबर तक रामलीला आयोजित की जाएगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक मूर्ति गोलचक्कर के पास ईकोटेक-12 क्षेत्र में 10 से 24 अक्टूबर तक बड़ा आयोजन प्रस्तावित है। अलग-अलग कमेटियों ने अपनी सुविधाओं और कार्यक्रम के हिसाब से तारीख तय की है, इसलिए जाने से पहले संबंधित आयोजन की तारीख जरूर देखना बेहतर रहेगा।


इस साल की खास तैयारियां

इस बार रामलीला आयोजनों में सिर्फ मंचन पर ही ध्यान नहीं दिया जा रहा, बल्कि दर्शकों के लिए पूरा उत्सव माहौल तैयार करने की कोशिश है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 50 बीघा क्षेत्र में बड़े स्तर पर आयोजन की तैयारी है। यहां अयोध्या मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है और हजारों बांस का इस्तेमाल किया जा रहा है। राम बारात को भी विशेष रूप देने की तैयारी है। दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा साइट-4 के आयोजन में रामलीला के साथ मेले की व्यवस्था होगी, जिसमें खाने-पीने के स्टॉल, झूले और मनोरंजन की दूसरी गतिविधियां रहेंगी। नोएडा के सेक्टर-46 में भी मंच, दर्शक दीर्घा और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।


आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

रामलीला को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए इस बार कई आयोजनों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 में करीब 350 फीट लंबा और 80 फीट चौड़ा बहुमंजिला मंच तैयार किया जा रहा है। यहां आधुनिक लाइटिंग और अत्याधुनिक साउंड सिस्टम के साथ तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारी है। इन स्क्रीन पर ग्राफिक्स और दृश्य प्रभाव दिखाए जाएंगे, जिससे खुले मैदान में बैठे दर्शकों को मंचीय प्रस्तुति ज्यादा साफ दिखाई दे सके। आयोजकों के अनुसार इस बार 100 से अधिक कलाकार मंचन में हिस्सा लेंगे। तकनीक का इस्तेमाल कहानी के मूल स्वरूप को बदले बिना प्रस्तुति को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।


पारंपरिक झांकियां

आधुनिक तकनीक के साथ रामलीला में पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियों को भी प्रमुख जगह दी जाएगी। भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों, राम बारात और दशहरा कार्यक्रम को पारंपरिक रंग में प्रस्तुत करने की तैयारी है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में राम बारात करीब डेढ़ से दो किलोमीटर लंबे मार्ग पर निकालने की योजना है, जिसमें हाथी-घोड़े, बैंड और अन्य पारंपरिक आकर्षण शामिल होंगे। वहां अयोध्या मंदिर की तर्ज पर तैयार पंडाल भी श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा। रावण दहन के दौरान भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि आधुनिक मंच और तकनीक के बावजूद रामलीला का मूल उद्देश्य भगवान राम के आदर्शों और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को लोगों तक पहुंचाना रहेगा।


कैसे पहुंचें आयोजन स्थल तक

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग रामलीला मैदानों तक पहुंचने के लिए निजी वाहन, कैब और स्थानीय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल किया जा सकता है। सेक्टर-21ए और सेक्टर-46 नोएडा के प्रमुख सेक्टरों में हैं, जबकि ग्रेटर नोएडा का साइट-4 और पाई-1 क्षेत्र शहर के प्रमुख मार्गों से जुड़ा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक मूर्ति गोलचक्कर के पास होने वाला बड़ा आयोजन आसपास की सोसायटियों के लिए सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच में रहेगा। रामलीला के दौरान भीड़ बढ़ने पर पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव संभव है। इसलिए परिवार के साथ जाने वाले लोगों को कार्यक्रम शुरू होने से कुछ समय पहले पहुंचना चाहिए। निजी वाहन से जाने वालों को मौके पर निर्धारित पार्किंग का ही इस्तेमाल करना चाहिए और सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से बचना चाहिए।

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