15 दिन से बिजली के लिए धरने पर बैठे लोग, नोएडा में 5 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, लिखित आश्वासन तक प्रदर्शन जारी
- Shiv Kumar
- 21 Sep, 2026
डूब क्षेत्र की कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन देने की मांग को लेकर भारतीय किसान परिषद के बैनर तले चल रहा धरना सोमवार को 15वें दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों में रविवार शाम पांच महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले धरना स्थल पर ही उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर पांचों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन की ओर से बिजली कनेक्शन को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक धरना और आमरण अनशन जारी रहेगा।
35 लोग आमरण अनशन पर, 5 महिलाओं की हालत बिगड़ी
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, आमरण अनशन पर कुल 35 लोग बैठे हैं। इनमें 23 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं। रविवार शाम पांच महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद धरना स्थल पर मौजूद लोगों में चिंता बढ़ गई। शुरुआत में मौके पर ही ग्लूकोज चढ़ाकर स्वास्थ्य सुधारने का प्रयास किया गया। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद आंदोलन को रोका नहीं जाएगा। उनका कहना है कि बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर वे लगातार प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं।
42 कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन का मुद्दा
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा के मुताबिक, डूब क्षेत्र की करीब 42 कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि छिजारसी और चोटपुर कॉलोनी में पहले से बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, इसलिए वहां कनेक्शन दिए जा रहे हैं। सुखवीर खलीफा का कहना है कि बाकी कॉलोनियों में बिजली पहुंचाने के लिए नए पोल और तार लगाने की जरूरत है। इसके लिए जरूरी अनुमति का मामला भी अभी लंबित है। प्रदर्शनकारी इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर सभी प्रभावित कॉलोनियों तक बिजली पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।
पोल और तार के बिना बिजली पहुंचने पर उठाया सवाल
सुखवीर खलीफा ने सवाल उठाया कि जिन कॉलोनियों में बिजली के पोल और तार ही नहीं हैं, वहां घरों तक बिजली की सप्लाई कैसे पहुंचाई जाएगी। उनके मुताबिक, डूब क्षेत्र में हजारों लोग रह रहे हैं और उन्हें बिजली सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांग केवल बिजली कनेक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी है। उनका आरोप है कि लंबे समय से समस्या बनी होने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया।
कैंडल मार्च के बाद शुरू किया आमरण अनशन
बिजली कनेक्शन की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी पहले कैंडल मार्च और पैदल मार्च निकाल चुके हैं। इन प्रदर्शनों के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर आमरण अनशन शुरू किया गया। अब धरना 15वें दिन में पहुंच गया है। रविवार को पांच महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि सरकार या प्रशासन की ओर से जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना और आमरण अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा।
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