नोएडा में सफाई व्यवस्था पर सीईओ कृष्णा करुणेश सख्त, तीन एजेंसियों पर 35 लाख जुर्माना, अधिकारियों को दी कार्रवाई की चेतावनी

top-news
नोएडा में जगह-जगह कूड़ा मिलने और सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर प्राधिकरण ने तीन एजेंसियों पर 35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एजी एन्वायरो पर 25 लाख की पेनाल्टी हुई। दो जेई, उद्यान सुपरवाइजर समेत कर्मचारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। अलग-अलग स्थानों पर कूड़ा मिलने और सफाई व्यवस्था में लापरवाही सामने आने के बाद तीन एजेंसियों पर कुल 35 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। इसके साथ ही लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ कृष्णा करुणेश ने सफाई, उद्यान और सिविल कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।


डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही पर 25 लाख का जुर्माना

समीक्षा के दौरान डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था में भी लापरवाही का मामला सामने आया। इसके बाद एजी एन्वायरो पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्राधिकरण की ओर से शहर में नियमित कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी तय की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कूड़ा उठाने के काम की लगातार निगरानी की जाए और जहां भी लापरवाही मिले, वहां संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


सेक्टर-19 और निठारी रोड समेत कई जगह मिला कूड़ा

निरीक्षण और समीक्षा के दौरान सेक्टर-19, निठारी रोड और सेक्टर-43 समेत कई स्थानों पर कूड़ा मिलने की बात सामने आई। इन जगहों पर सफाई व्यवस्था में कमी पाए जाने के बाद संबंधित एजेंसियों पर पेनाल्टी लगाने की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने सफाई के साथ उद्यान और सिविल कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की। इस दौरान दो जेई, उद्यान सुपरवाइजर समेत संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


15 और 20 अक्टूबर की समयसीमा तय

शहर की सड़कों और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों को समयसीमा के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण ने सभी सड़कों की मरम्मत का काम 20 अक्टूबर तक पूरा कराने को कहा है। वहीं, बंद पड़े शौचालयों को 15 अक्टूबर तक दोबारा शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने साफ कहा कि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की इस सख्ती का उद्देश्य सफाई और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों में लापरवाही पर जवाबदेही तय करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *