नोएडा बस अग्निकांड में बड़ा खुलासा, धुआं और जलने की गंध के बाद भी नहीं रोकी बस, FIR में यात्री ने लगाए गंभीर आरोप

top-news
नोएडा बस अग्निकांड की FIR में यात्री सुनील कुमार ने दावा किया है कि आग लगने से पहले बस में जलने की गंध आ रही थी। यात्रियों ने बस रोकने को कहा, लेकिन चालक-कंडक्टर ने कथित तौर पर बात नजरअंदाज की। कुछ देर बाद आग फैलने से 9 यात्रियों की मौत हो गई।

यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग के मामले में यात्री की FIR से हादसे को लेकर नया दावा सामने आया है। हमीरपुर निवासी यात्री सुनील कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि बस के ड्राइवर केबिन से जलने की गंध आने के बाद यात्रियों ने चालक और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी थी। सुनील का दावा है कि इसके बावजूद दोनों ने बात को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ देर बाद बस में अचानक आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते आग पूरी बस में फैल गई। इस हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई थी।


जलने की गंध आने पर यात्रियों ने बस रोकने को कहा

सुनील कुमार के मुताबिक, बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे और रात करीब साढ़े 11 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान ड्राइवर केबिन की तरफ से इंजन के जलने जैसी गंध आने लगी। यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी और बस रोकने के लिए कहा। FIR में सुनील ने आरोप लगाया है कि चालक ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। उसका कहना था कि बस में ऐसी बदबू आती रहती है और बस नहीं रोकी जाएगी।


आरोप- ड्राइवर और कंडक्टर बीड़ी पीते रहे

शिकायत के मुताबिक, यात्रियों की ओर से आग या जलने की गंध की जानकारी दिए जाने के बावजूद चालक और कंडक्टर अपने केबिन में रहे। सुनील ने FIR में दावा किया है कि दोनों बीड़ी पी रहे थे और यात्रियों की चेतावनी को नजरअंदाज कर रहे थे। कुछ ही देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से अचानक आग की तेज लपटें निकलने लगीं। इसके बाद बस के अंदर मौजूद यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।


‘बस नहीं रुकेगी, मरना है तो मरो’- FIR में दावा

सुनील कुमार ने अपनी शिकायत में चालक और कंडक्टर पर यात्रियों को धमकाने का भी आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, जब यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा तो दोनों ने कथित तौर पर कहा कि ऐसी गंध आती रहती है और बस नहीं रोकी जाएगी। FIR में यह भी दावा किया गया है कि यात्रियों से ‘मरना है तो मरो’ जैसी बात कही गई। इसके बाद आग तेजी से फैलती गई और बस के भीतर धुआं भर गया।


शीशे तोड़कर बाहर निकले यात्री, 9 की मौत

आग बढ़ने के बाद यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए और कई लोग बस से कूदकर बाहर निकले। शिकायतकर्ता के अनुसार, बस रुकने तक काफी देर हो चुकी थी और कुछ यात्री आग व धुएं के बीच अंदर फंस गए। इस घटना में 9 लोगों की मौत हुई। पुलिस ने बस के चालक और कंडक्टर को हिरासत में लिया है। FIR में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और पुलिस हादसे की परिस्थितियों के साथ चालक-कंडक्टर की भूमिका की भी जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *