ग्रेटर नोएडा में GNIDA और FFCT की पहल, RWA प्रतिनिधियों को सड़क धूल और C&D कचरा प्रबंधन के तरीके बताए
- Shiv Kumar
- 26 Sep, 2026
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के समन्वय में आयोजित इस गतिविधि में दोनों सेक्टरों की आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क की धूल को नियंत्रित करने, निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले मलबे के सही निस्तारण और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखने पर चर्चा हुई। जीएनआईडीए के स्वास्थ्य विभाग, एजी एनवायरो, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और फीडबैक फाउंडेशन की टीम ने मिलकर सेक्टर स्तर पर सामने आने वाली स्वच्छता संबंधी समस्याओं पर भी बातचीत की। अधिकारियों और संस्था के प्रतिनिधियों ने लोगों की भागीदारी को स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जरूरी बताया।
कचरा प्रबंधन और सफाई पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को घरों और आवासीय क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे के जिम्मेदार तरीके से प्रबंधन की जानकारी दी गई। लोगों को खुले में कचरा नहीं फेंकने और सामुदायिक क्षेत्रों की नियमित सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। इसके साथ ही ठोस कचरे के उचित संग्रहण और निस्तारण की जरूरत पर भी चर्चा हुई। फीडबैक फाउंडेशन की टीम ने बताया कि सेक्टरों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय निवासियों और सफाई टीमों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को अपने-अपने सेक्टर में स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं की नियमित निगरानी करने और संबंधित अधिकारियों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
सड़क की धूल को अलग रखने की दी जानकारी
जागरूकता सत्र में सड़क की धूल के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि सड़क की सफाई से निकलने वाली धूल को गीले कचरे के साथ नहीं मिलाया जाना चाहिए। इसे अलग से एकत्र कर उचित तरीके से ले जाने की जरूरत है। सड़क, फुटपाथ और नालियों की नियमित सफाई के साथ किनारे जमा मिट्टी, रेत, सिल्ट और निर्माण मलबे को समय पर हटाने पर भी चर्चा हुई। सड़क की धूल वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और इसे नियंत्रित करने के लिए सड़क व आसपास के हिस्सों की उचित सफाई जरूरी है।
निर्माण मलबे के सही प्रबंधन पर भी चर्चा
कार्यक्रम में निर्माण और विध्वंस से निकलने वाले मलबे के प्रबंधन को लेकर भी आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई। निर्माण सामग्री को खुले में रखने से बचने और मलबे को उचित तरीके से एकत्र करने पर जोर दिया गया। सड़क की सफाई से निकलने वाली धूल और निर्माण मलबे को ढके हुए वाहनों के जरिए निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ले जाने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही, सेक्टरों में स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं की समय पर जानकारी संबंधित विभाग तक पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को सफाई टीमों के साथ मिलकर काम करने और स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने रखीं स्थानीय समस्याएं
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को अपने सेक्टरों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिला। कार्यक्रम में जीएनआईडीए की मैनेजर स्वास्थ्य दिव्या चौधरी और असिस्टेंट मैनेजर स्वास्थ्य गौरव बघेल मौजूद रहे। एजी एनवायरो के प्रतिनिधियों के साथ फीडबैक फाउंडेशन की टीम ने भी भाग लिया। आयोजन के जरिए सेक्टर-2 और सेक्टर-3 में स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क की धूल पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। साथ ही, आरडब्ल्यूए और संबंधित विभागों के बीच संवाद और समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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