जामुन से तुलसी तक, यूपी ट्रेड शो में 16 तरह के शहद की खास रेंज, विदेशों तक पहुंच रहा कारोबार

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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सहारनपुर के ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान का 16 तरह का शहद आकर्षण का केंद्र बना है। जामुन, लीची, तुलसी, सरसों, अजवाइन और सौंफ समेत अलग-अलग फूलों और फसलों से तैयार शहद यहां उपलब्ध है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सहारनपुर के ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान का 16 तरह का शहद लोगों का ध्यान खींच रहा है। संस्थान के स्टॉल पर जामुन, लीची, तुलसी, सरसों, अजवाइन और सौंफ समेत कई किस्मों का शहद उपलब्ध है। खास बात यह है कि इन शहद को किसी तरह का स्वाद मिलाकर तैयार नहीं किया जाता, बल्कि मधुमक्खियों को अलग-अलग फसलों और फूलों वाले क्षेत्रों में ले जाकर प्राकृतिक तरीके से शहद तैयार कराया जाता है। ट्रेड शो में पहुंच रहे लोग अलग-अलग किस्म के शहद को देख और खरीद रहे हैं।


फूल और फसल के हिसाब से बदल जाता है शहद का स्वाद

संस्थान के अजय कुमार ने बताया कि यह स्वाद वाला शहद नहीं है। मधुमक्खियों के बक्सों को अलग-अलग फसलों और फूलों वाले इलाकों में ले जाया जाता है। मधुमक्खियां वहां मौजूद फूलों से रस लेकर शहद तैयार करती हैं। इसी वजह से अलग-अलग फूलों और फसलों से तैयार शहद के स्वाद में अंतर होता है। अजय कुमार के मुताबिक भारत में सबसे ज्यादा सरसों के शहद का उत्पादन होता है। देश में तैयार होने वाले शहद का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा सरसों से मिलता है और इसका एक बड़ा हिस्सा दूसरे देशों में भेजा जाता है। सहारनपुर में भी बड़ी संख्या में मधुमक्खी पालक हैं, जो फूल और फसल के अनुसार मधुमक्खियों के बक्सों को अलग-अलग क्षेत्रों में ले जाते हैं।


शहद के साथ कई दूसरे उत्पाद भी मौजूद

ज्योति ग्रामोद्योग संस्थान के स्टॉल पर शहद के अलावा कॉम्ब हनी, हनी गुलकंद, लिप बाम और कॉरपोरेट गिफ्ट पैक भी रखे गए हैं। अजय कुमार ने बताया कि लिप बाम तैयार करने में पेट्रोलियम जेली की जगह बीजवैक्स, शहद और बादाम के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। उनका कहना है कि अलग-अलग फूलों से तैयार शहद की अपनी अलग पहचान होती है। ट्रेड शो में इन उत्पादों को देखने और खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टॉल पर पहुंच रहे हैं।

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