सर्वोदय हॉस्पिटल में उपचार और बिलिंग को लेकर किसान संगठन का प्रदर्शन, प्रशासन ने कराई दोनों पक्षों में बातचीत

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ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी-2 स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल में उपचार और बिलिंग को लेकर भारतीय किसान यूनियन क्रान्ति ने धरना दिया। संगठन ने मेडिक्लेम की समस्या और करीब डेढ़ लाख रुपये के बिल को लेकर सवाल उठाए। प्रशासन की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन और मरीज के परिवार के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी।

ग्रेटर नोएडा के गौर सिटी-2 स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल के बाहर रविवार को मरीज के उपचार और बिलिंग को लेकर भारतीय किसान यूनियन क्रान्ति ने धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, यूनियन के पदाधिकारी सुशील कुमार की पत्नी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती थीं। उनके पास निवा बूपा मेडिक्लेम का कार्ड था। संगठन का कहना है कि मेडिक्लेम कार्ड की लिमिट और क्लेम को लेकर समस्या आने के बाद परिजनों को इसकी स्पष्ट जानकारी समय पर नहीं दी गई।


मेडिक्लेम को लेकर विवाद के बाद बढ़ा मामला

संगठन के अनुसार, करीब छह दिनों के उपचार के दौरान अस्पताल की ओर से लगभग डेढ़ लाख रुपये का बिल तैयार किया गया। परिजनों का आरोप है कि बिल में कई जांच और उपचार संबंधी खर्च शामिल किए गए, जिनकी उन्हें उचित जानकारी नहीं दी गई थी। उनका यह भी आरोप है कि इन खर्चों के भुगतान को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन क्रान्ति के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और प्रबंधन से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया।


बातचीत नहीं बनी तो अस्पताल के बाहर दिया धरना

संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन से बातचीत के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं निकला तो अस्पताल परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया गया। धरने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन और मरीज के परिवार के बीच बातचीत कराई। बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद मामले का समाधान कर दिया गया और धरना समाप्त किया गया।


प्रदेश अध्यक्ष ने पारदर्शी बिलिंग की उठाई मांग

भारतीय किसान यूनियन क्रान्ति के प्रदेश अध्यक्ष परविन्दर सिंह यादव ने कहा कि निजी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को उपचार और बिलिंग से जुड़ी पूरी जानकारी समय पर और स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिक्लेम में किसी तरह की समस्या आने पर अस्पताल प्रबंधन को समय रहते परिजनों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बनाए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की। उनके मुताबिक, किसी स्तर पर अनियमितता मिलने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।


धरने में संगठन के कई पदाधिकारी रहे मौजूद

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन क्रान्ति मरीजों और उनके परिवारों के साथ होने वाले किसी भी तरह के अन्याय के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती रहेगी। धरने के दौरान राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र यादव, अंशुल नेताजी, पुष्पेंद्र पहलवान, लोकेश पहलवान, सोनू यादव, साहिल सिद्दीकी, फुरकान खान, मोहसिन खान, राहुल उपाध्याय, सुमित सूद, पवन शर्मा, लाल शर्मा, नीतीश यादव, अनुज यादव, सुरजीत सिंह, विकास यादव, आकाश गुप्ता, राहुल ठाकुर, राजकुमार त्यागी, अजय गुप्ता, देव सिंह, सत्यम यादव, अरुण ठाकुर समेत संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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