नोएडा में सर्वर हैकिंग का मामला, सात ट्रेडिंग खातों से कारोबार कर 11 करोड़ का नुकसान
- Shiv Kumar
- 03 Oct, 2026
नोएडा: सेक्टर-63 स्थित ट्रेडिंग प्रबंधन से जुड़ी कंपनी के सर्वर में सेंध लगाकर साइबर अपराधियों ने एमसीएक्स के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर अनधिकृत कारोबार किया। पुलिस के अनुसार, कंपनी के सिस्टम से जुड़े सात ट्रेडिंग खातों का इस्तेमाल कम मांग वाले सिल्वर ऑप्शंस में फर्जी ट्रेडिंग के लिए किया गया। करीब 12 करोड़ रुपये के ऑप्शन प्रीमियम के जरिए कारोबार कर लगभग 11 करोड़ रुपये का संभावित अवैध लाभ कमाने की कोशिश का अनुमान है। मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। हालांकि, ट्रेडिंग में जिन खाताधारकों के पैसे इस्तेमाल हुए, उन्हें रकम वापस मिलने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
सर्वर में सेंध के बाद एमसीएक्स तक बनाई पहुंच
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-61 निवासी प्रियांक द्विवेदी की शिकायत पर 18 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, 17 जून की रात करीब साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे के बीच जालसाजों ने कंपनी के सर्वर और उसके पंजीकृत स्थिर आईपी पते का अनधिकृत इस्तेमाल किया। सर्वर में सेंध लगाने के बाद आरोपियों ने एमसीएक्स के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच बनाई और सात ग्राहकों के ट्रेडिंग खातों से सिल्वर ऑप्शंस में कारोबार किया।
1,238 ऑर्डर लगाकर 5,559 अनुबंधों में ट्रेडिंग
जांच के दौरान पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कम तरलता वाले सिल्वर ऑप्शंस अनुबंधों को निशाना बनाया। इन अनुबंधों में कुल 1,238 ऑर्डर लगाए गए और इनके जरिए करीब 5,559 अनुबंधों में अनधिकृत ट्रेडिंग की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सिल्वर ऑप्शंस की खरीद और बिक्री में शामिल लोग आपस में मिले हुए थे। कम कीमत और कम मांग वाले ऑप्शंस में जानबूझकर खरीदारी कर कीमत में हेरफेर किया गया।
पांच मिनट में 174 से 2,300 रुपये पहुंचा भाव
मामले की जांच में सीईआरटी-इन से फॉरेंसिक ऑडिट भी कराया गया। इसमें ट्रेडिंग के दौरान कीमत और मात्रा में हेरफेर का पैटर्न सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, बेहद कम तरलता वाले एक सिल्वर ऑप्शन का भाव करीब पांच मिनट में 174 रुपये से बढ़कर 2,300 रुपये तक पहुंच गया। जांच में करीब 12 करोड़ रुपये के ऑप्शन प्रीमियम के इस्तेमाल और लगभग 11 करोड़ रुपये के संभावित अवैध लाभ का अनुमान लगाया गया है।
सात खाताधारकों को आर्थिक नुकसान, एक आरोपी गिरफ्तार
मामले में इस्तेमाल किए गए सात ट्रेडिंग खातों के धारकों को आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस के अनुसार, शशिकांत साहू के करीब 3.15 करोड़, शांति भूषण रखेजा के 2.09 करोड़, मीनू रखेजा के 2.90 करोड़, निहार रंजन के 96 लाख, अरविंद मिश्रा के 83 लाख और रवीन साहनी के 73 लाख रुपये शामिल हैं। रितिका लोहानी के खाते से भी ट्रेडिंग हुई और उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अंकित राय को गिरफ्तार किया था। उसे 4 सितंबर को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से बाद में उसे जमानत मिल गई। आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद खाताधारकों की रकम वापस मिलने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
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