राहुल-प्रियंका को पुलिस ने धरने से उठाया, प्रियंका ने लगाया मारपीट का आरोप, कल भी 8 घंटे धरने के बाद हुई थी हिरासत

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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने BNSS की धारा 163 का हवाला दिया। विपक्ष ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया, जबकि प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन से पहले पुलिस अधिकारियों ने नेताओं को समझाने की कोशिश की। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बल प्रयोग किया, जबकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया। जंतर-मंतर जाने से पहले विपक्षी सांसदों ने जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में करीब डेढ़ घंटे तक लंच किया था। यह लंच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित किया गया था।


जंतर-मंतर जाने से पहले सागर रत्ना में हुई बैठक
विपक्षी सांसदों के जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से पहले जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में बैठक और लंच हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों को यहां बुलाया था। करीब 1:30 घंटे तक चले लंच के बाद सांसद प्रदर्शन के लिए आगे बढ़े। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। इससे एक दिन पहले भी इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी परिसर में करीब आठ घंटे धरना दिया था।


पुलिस ने धारा 163 का हवाला देकर प्रदर्शन से रोका
दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा के मुताबिक, नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है और बिना अनुमति प्रदर्शन या मार्च की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसद और उनके समर्थक तीन बसों से आ रहे हैं और उनका गंतव्य जंतर-मंतर बताया गया है। पुलिस अधिकारी ने सुरक्षाकर्मियों से सांसदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील भी की और कहा कि नेताओं से खुद जगह खाली करने का अनुरोध किया जाएगा। जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन को लेकर पहले से सुरक्षा बढ़ाई गई थी और निषेधाज्ञा के तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस और धरना प्रतिबंधित था।


प्रियंका ने सांसदों को पीटे जाने का लगाया आरोप
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच तनाव की स्थिति बनी। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सांसदों के साथ मारपीट की गई और पुलिस ने उनकी बस को रोक दिया, जिससे उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने की अनुमति नहीं मिल रही थी। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। विपक्षी दल लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इससे एक दिन पहले आकाशवाणी परिसर में हुए धरने के बाद राहुल और प्रियंका के खिलाफ परिसर में कथित तौर पर जबरन प्रवेश को लेकर एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

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