उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए योगी सरकार ने रात्रि गश्त अनिवार्य किया

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अब हर थाने को रात 10 से सुबह 4 बजे तक कम से कम दो गश्ती दल सड़कों पर उतारने होंगे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी नए निर्देशों के तहत अब प्रदेश के हर थाने को रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक कम से कम दो गश्ती दल सड़कों पर उतारने होंगे। सरकार का उद्देश्य रात्रिकालीन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है।

रात्रि गश्त को लेकर सख्त निर्देश

पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गश्त के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों, बाजारों, प्रमुख चौराहों और सुनसान इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाए। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित जांच की जाएगी ताकि अपराध होने से पहले ही उसे रोका जा सके। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि रात के समय पुलिस की सक्रिय मौजूदगी अपराधियों के लिए बड़ा संदेश साबित होगी।

कॉम्बिंग अभियान से अपराधियों पर कार्रवाई

प्रदेश के कई जिलों में रात्रि कॉम्बिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है। अभियान के दौरान वारंटियों, हिस्ट्रीशीटरों और निगरानी बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी संदिग्ध सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

अपराध रोकने के लिए नई रणनीति

पुलिस विभाग के अनुसार कई मामलों में रात के समय अपराध होने के बाद सूचना देर से मिलती है, जिससे अपराधियों को भागने का मौका मिल जाता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए गश्त व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित पेट्रोलिंग से अपराध की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

पूरे प्रदेश में लागू होगी व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और थाना प्रभारियों को गश्त की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि रात्रि गश्त में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का लक्ष्य कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

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