राजपाल यादव को बड़ा झटका, चेक बाउंस मामले में 3 महीने की जेल बरकरार
दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उन्हें 3 महीने जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने एक्टर के संदिग्ध रवैया पर नाराजगी जताई है।
- Babli Ansari
- 10 Jul, 2026
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में राहत देने से इनकार करते हुए उनकी दोषसिद्धि और तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए उनकी अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले में राजपाल यादव के बदलते रुख और बयानों पर भी कड़ी नाराजगी जताई।
2010 के चेक बाउंस मामले में आया फैसला
मामला वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने 5 लाख रुपये का चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, भुगतान के लिए प्रस्तुत किए जाने पर चेक बाउंस हो गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस लेन-देन में कुल 25 लाख रुपये की देनदारी बनती है, जिसके चलते मामला अदालत तक पहुंचा। निचली अदालत ने अभिनेता को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की सजा सुनाई थी।
बदलते बयानों पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
राजपाल यादव ने निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले में उनकी ओर से दिए गए स्पष्टीकरण और बयान समय-समय पर बदलते रहे। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्य दोषसिद्धि को सही साबित करते हैं और सजा में हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है।
जेल की सजा और जुर्माना दोनों रहेंगे लागू
हाईकोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव को तीन महीने की जेल की सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत द्वारा निर्धारित जुर्माना भी जमा करना होगा। फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित न्यायालय और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से पूरी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट का विकल्प रहेगा खुला
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद यदि राजपाल यादव चाहें तो वे इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार उनकी दोषसिद्धि और सजा प्रभावी रहेगी। यह मामला लंबे समय से अदालत में लंबित था और अब इस पर महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला सामने आया है।
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