NEET आंदोलन पर बोले सोनम वांगचुक, 'युवाओं का गुस्सा समझिए, उन्हें दुश्मन मत बनाइए'

top-news
शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने NEET और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं का गुस्सा और हताशा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने अपशब्दों और हिंसा से बचने की अपील करते हुए सरकार से छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कही।

देशभर में NEET और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में बढ़ती निराशा और गुस्सा केवल किसी एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह लगातार जमा होती हताशा का परिणाम है। वांगचुक ने कहा कि यदि युवाओं की बात समय रहते नहीं सुनी गई, तो यह असंतोष और गहरा हो सकता है।
उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि विरोध लोकतांत्रिक तरीके से करें और किसी भी परिस्थिति में हिंसा, गाली-गलौज या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का रास्ता न अपनाएं। उनके मुताबिक आंदोलन की ताकत उसकी शालीनता और नैतिक आधार में होती है, न कि आक्रामक भाषा या टकराव में।

सरकार से की संवाद की अपील

सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानने के बजाय उनके भविष्य और विश्वास से जुड़े प्रश्न के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है। यदि युवाओं को यह भरोसा नहीं रहेगा कि उनकी मेहनत का सम्मान होगा, तो व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच संवाद ही सबसे बेहतर रास्ता है। बातचीत से ही समाधान निकलेगा और अनावश्यक टकराव से बचा जा सकेगा।

छात्रों को दी संयम बरतने की सलाह

वांगचुक ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं से कहा कि उनकी आवाज तभी ज्यादा प्रभावी होगी जब वह शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपनी मांगें रखें। उन्होंने अपशब्दों और व्यक्तिगत हमलों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि आंदोलन का उद्देश्य समाधान होना चाहिए, न कि समाज में और ज्यादा विभाजन पैदा करना।
उनके अनुसार देश के लाखों छात्र बेहतर शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और रोजगार के अवसर चाहते हैं। इन मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए ताकि युवाओं का व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।

देशभर में जारी है छात्रों का आंदोलन

पिछले कुछ समय से NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर कई राज्यों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगह पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और आमरण अनशन जैसे घटनाक्रम भी सामने आए हैं। हाल के दिनों में झारखंड और बिहार सहित कई राज्यों में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज किए हैं।

सोनम वांगचुक पहले भी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना और युवाओं की शिकायतों का समय पर समाधान निकालना देश के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। फिलहाल उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *