'मैं ओछी राजनीति नहीं करूंगा'... CM विजय का उदयनिधि स्टालिन पर बड़ा हमला
'मैं ओछी राजनीति नहीं करूंगा'... तृषा विवाद पर CM विजय का उदयनिधि स्टालिन को करारा जवाब, कावेरी मुद्दे पर भी दी नसीहत
- Babli Ansari
- 07 Aug, 2026
तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेत्री तृषा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की विवादित टिप्पणी पर पहली बार मुख्यमंत्री विजय ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस तरह की ओछी राजनीति में विश्वास नहीं करते और व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कावेरी जल विवाद जैसे संवेदनशील विषयों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि तमिलनाडु के किसानों और राज्य के हितों से जुड़े मुद्दे सर्वोच्च प्राथमिकता होने चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह गंभीर विषयों को राजनीतिक बयानबाजी का माध्यम बनाने के बजाय समाधान खोजने में सहयोग करे। उनके इस बयान को उदयनिधि स्टालिन की हालिया टिप्पणी पर सीधा जवाब माना जा रहा है।
क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में कावेरी नदी जल विवाद को लेकर आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान उदयनिधि स्टालिन के भाषण के बीच भीड़ ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाए। इसके बाद उदयनिधि की प्रतिक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विरोधी दलों ने आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणी आपत्तिजनक थी और इससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची। इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी।
उदयनिधि स्टालिन ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया और पूरा विवाद राजनीतिक कारणों से खड़ा किया गया है। उनका कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य कावेरी जल विवाद पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।
CM विजय ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री विजय ने अपने बयान में कहा कि वह किसी भी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत या अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन बहस का स्तर गरिमापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता नेताओं से समाधान की उम्मीद करती है, न कि व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप की।
उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि कावेरी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक किसानों के हित और राज्य के अधिकार किसी भी राजनीतिक विवाद से बड़े हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ा टकराव
तृषा टिप्पणी विवाद के बाद तमिलनाडु की राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर विपक्ष सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कावेरी जल विवाद, किसानों के मुद्दे और इस बयानबाजी ने तमिलनाडु की सियासत को और गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर हलचल जारी रहने की संभावना है।
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