फर्रुखाबाद में योगी ने 1000 बाढ़ पीड़ित परिवारों को बांटी राहत सामग्री, बेघर परिवारों को मिला भूमि आवंटन प्रमाण पत्र
- Babli Ansari
- 03 Sep, 2026
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद में बाढ़ की मार झेल रहे 1,000 परिवारों को राहत सामग्री सौंपी। पुलिस लाइन परिसर में हुए कार्यक्रम में बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र भी दिए गए, जबकि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष से राहत राशि का वितरण किया गया। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वे के बाद सीधे पीड़ितों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि सरकार इस संकट में अकेले नहीं छोड़ेगी। सरकार का फोकस अब फौरी मदद के साथ-साथ स्थायी समाधान पर है, क्योंकि फर्रुखाबाद, अमृतपुर और कायमगंज इलाके बार-बार बाढ़ की चपेट में आते रहे हैं।
पुलिस लाइन में राहत, मंच से मिला भरोसा
कार्यक्रम के दौरान दी गई राहत किटों में जरूरी घरेलू सामान शामिल था और इसे 1,000 प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया गया। वहीं जिन परिवारों के घर बाढ़ में उजड़ गए, उनके लिए आवासीय भूमि के दस्तावेज भी सौंपे गए। जिले के अधिकारियों ने पहले ही कुछ प्रभावितों को मकान निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता और कुछ को भूमि पट्टे उपलब्ध कराए थे, लेकिन गुरुवार का कार्यक्रम उस राहत अभियान का बड़ा सार्वजनिक चरण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ तात्कालिक राहत नहीं, बल्कि ऐसे इंतजाम करना है कि हर साल दोहराने वाली यह आपदा लोगों की जिंदगी को बार-बार न तोड़े।
बाढ़ के स्थायी समाधान की ओर सरकार का फोकस
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने मंच से नदी की ड्रेजिंग, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पशुओं के लिए चारा, टीकाकरण व दवाओं की व्यवस्था के निर्देश दिए। बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे भी शुरू कराया गया है और सर्वे पूरा होने के बाद किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए राहत राशि भेजी जाएगी। यही नहीं, जिन परिवारों की जमीन इस काम में आएगी, उन्हें मुआवजा देने की बात भी कही गई है। प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती राहत वितरण के साथ पुनर्वास को तेज करना है, क्योंकि पानी उतरने के बाद भी गांवों में टूटे मकान, खराब सड़कें और खेती का नुकसान लोगों के सामने लंबी मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।
102 गांवों तक फैली तबाही, प्रशासन पर दबाव
फर्रुखाबाद के साथ-साथ अमृतपुर और कायमगंज क्षेत्र के 102 गांवों में बाढ़ का असर बताया जा रहा है। जिला प्रशासन के मुताबिक कई परिवार अब भी अस्थायी आश्रयों में हैं, जबकि खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री का दौरा ऐसे समय में हुआ है जब गंगा का जलस्तर राज्य के कई हिस्सों में चिंता बढ़ा रहा है और स्थानीय लोग लगातार ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। राहत मिलने के बाद भी असली सवाल यही है कि अगली बारिश से पहले किन गांवों की तटबंध सुरक्षा, सड़क मरम्मत और पुनर्वास की तस्वीर बदली जाएगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार केवल राहत पैकेट तक मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थायी बचाव योजनाओं पर काम तेज होगा।
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