Etawah: यादव निकला कथावाचक, भीड़ ने काटी चोटी, विपक्ष ने भरी हुंकार!
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दांदरपुर गांव में कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथियों के साथ हुई मारपीट, अभद्रता और सामाजिक अपमान की घटना ने अब गंभीर जातीय और राजनीतिक रूप ले लिया है।
- Rishabh Chhabra
- 26 Jun, 2025
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दांदरपुर गांव में कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके साथियों के साथ हुई मारपीट, अभद्रता और सामाजिक अपमान की घटना ने अब गंभीर जातीय और राजनीतिक रूप ले लिया है। ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मुकुट मणि खुद को ब्राह्मण बताकर एक ब्राह्मण परिवार में कथा सुनाने पहुंचे। आयोजनकर्ता जयप्रकाश तिवारी की पत्नी ने कथावाचक पर गलत तरीके से हाथ पकड़ने और छेड़छाड़ का आरोप लगाया।
घटना का वीडियो हुआ वायरल
आरोप है कि कथावाचक ने गलत पूजा कराई और फिर शारीरिक छेड़छाड़ की कोशिश की। जब यह बात परिवार के लोगों तक पहुंची, तो पहले उनसे माफी मंगवाई गई, लेकिन फिर गांव के कुछ लोगों ने कथावाचक मुकुट मणि और उनके साथ आए सहयोगियों को पीट दिया, चोटी काट दी और सिर मुंडवा दिया, फिर उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में चर्चा शुरू हो गई।
पुलिस टीम पर पथराव, कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त
जैसे ही यह पता चला कि कथावाचक मुकुट मणि यादव जाति से हैं, तो इस मामले ने जातीय मोड़ ले लिया। कथावाचक और उनके साथी संत कुमार पर आरोप लगे कि उन्होंने फर्जी आधार कार्ड और झूठी पहचान के आधार पर खुद को ब्राह्मण बताया था। लेकिन, दूसरी तरफ कथावाचकों के साथ हुई हिंसा और अपमान को लेकर यादव समाज और अहीर रेजिमेंट ने नाराज़गी जताई। जब पुलिस टीम इस मामले की जांच के लिए गांव पहुंची, तो अहीर रेजिमेंट के समर्थकों ने पथराव कर दिया, जिसमें कई पुलिस गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया।
बकेवर थाने का किया गया घेराव
इसके बाद बकेवर थाने का घेराव किया गया और कथावाचकों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की गई। नारेबाज़ी, सड़क जाम और गिरफ्तारी की मांग के बीच यादव समाज के लोग आक्रोशित दिखे।
"तीन दिन में न्याय नहीं, तो बड़ा आंदोलन होगा"
इस पूरी घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी बयान दिया और योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ जाति के आधार पर किसी विद्वान का अपमान नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
सीएम योगी ने डीएम और एसपी को दिए ये सख्त निर्देश
इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में जातीय विद्वेष फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सभी जिलों के डीएम और एसपी को तत्काल, निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने यह भी कहा कि जो अफसर लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब केवल एक कथावाचक या आयोजन का विवाद नहीं रह गया है, यह प्रदेश में जातीय तनाव, धार्मिक भावनाएं और प्रशासनिक जिम्मेदारी का बड़ा इम्तिहान बन चुका है। पुलिस को अब जिम्मेदारी से काम करते हुए, दोनों पक्षों को न्याय दिलाना होगा ताकि गांव और प्रदेश में शांति बनी रह सके।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






