योगी सरकार का ऐतिहासिक फैसला: मकर संक्रांति पर पहली बार उत्तर प्रदेश में राजकीय अवकाश

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योगी सरकार का बड़ा फैसला: मकर संक्रांति पर पहली बार उत्तर प्रदेश में राजकीय अवकाश घोषित। 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक छुट्टी रहेगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए मकर संक्रांति के अवसर पर सरकारी अवकाश घोषित कर दिया है। यह पहली बार है जब उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को राजकीय स्तर पर सार्वजनिक अवकाश का दर्जा मिला है। हालांकि मकर संक्रांति देशभर में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ सदियों से मनाई जाती रही है, लेकिन अब तक उत्तर प्रदेश में इसे आधिकारिक सरकारी अवकाश के रूप में मान्यता नहीं मिली थी। सरकार के इस फैसले को संस्कृति, आस्था और परंपरा को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

शासनादेश जारी, अवकाश सूची में संशोधन

उत्तर प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार— पहले 14 जनवरी 2026 (बुधवार) को निर्बंधित अवकाश घोषित था, अब इसे संशोधित कर 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) किया गया है। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 के तहत इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस निर्णय के साथ ही राज्य सरकार ने पहले से जारी अवकाश सूची में आवश्यक संशोधन कर दिया है।

आस्था और परंपरा को प्रशासनिक मान्यता

मकर संक्रांति को देश के विभिन्न हिस्सों में

1. खिचड़ी,

2. पोंगल,

3. उत्तरायण,

4. भोगी
जैसे नामों से मनाया जाता है। सरकार के इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि पारंपरिक भारतीय पर्वों को अब सामाजिक के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी मान्यता दी जा रही है।

जनता और कर्मचारियों में उत्साह

सरकारी अवकाश की घोषणा के बाद सरकारी कर्मचारियों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस फैसले को सांस्कृतिक दृष्टि से अहम बता रहे हैं।

पहले भी लिए गए हैं ऐसे निर्णय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इससे पहले भी कई धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर नीतिगत फैसले ले चुकी है। मकर संक्रांति पर सरकारी अवकाश की घोषणा को उसी नीति की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

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