योगी सरकार का बहुत बड़ा फैसला, पूर्वी और पश्चिमी यूपी को जोड़ने के लिए 700 किलोमीटर लंबे मेगा एक्सप्रेसवे को दी मंजूरी
- Shiv Kumar
- 10 Mar, 2026
उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-शामली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। National Highways Authority of India (NHAI) ने इसके लिए जरूरी प्रशासनिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे बरेली जिले के नवाबगंज और बहेरी तहसील के कुल 68 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा। साथ ही यात्रियों और व्यापारियों के लिए आवागमन भी अधिक आसान और तेज हो जाएगा।
68 गांवों में शुरू हुई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया
अधिकारियों के अनुसार चयनित गांवों में “3ए” प्रक्रिया के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बरेली जिले में इस परियोजना के लिए नवाबगंज के 34 गांव और बहेरी के 34 गांव को शामिल किया गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित किसानों को सरकार की नीति के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस परियोजना के लागू होने से स्थानीय इलाकों में विकास की गति तेज होने और आर्थिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
दो एजेंसियों को दी गई निर्माण की जिम्मेदारी
परियोजना के तहत नवाबगंज क्षेत्र के 17 गांवों में निर्माण कार्य की जिम्मेदारी NHAI बरेली को सौंपी गई है। वहीं बाकी 51 गांवों में निर्माण कार्य की निगरानी NHAI मुरादाबाद करेगा। सरकार ने इस एक्सप्रेसवे परियोजना को कुशीनगर तक विस्तार देने की भी मंजूरी दे दी है। परियोजना पूरी होने के बाद पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा बल्कि व्यापार, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ पहुंचाएगा।
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