संभल में प्रशासन का बड़ा एक्शन, 500 साल पुरानी बताई जा रही मजार पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल तैनात

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संभल के बाघाऊ गांव में सरकारी जमीन पर बने मजार परिसर पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। कोर्ट से राहत न मिलने के बाद राजस्व अभिलेखों के आधार पर अभियान चलाया गया। मौके पर डीएम, एसपी और भारी पुलिस बल तैनात रहा।

संभल जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत शुक्रवार को गुन्नौर क्षेत्र के बबराला थाना इलाके के बाघाऊ गांव में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। सरकारी जमीन पर बने एक मजार और उससे जुड़े परिसर को हटाने के लिए बुलडोजर पहुंचा, जिसके बाद पूरे इलाके में हलचल बढ़ गई। संवेदनशील मामले को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया और बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी जवानों की तैनाती की गई। कार्रवाई की शुरुआत राजस्व विभाग की जांच के बाद हुई। जांच में गाटा संख्या-592 की सरकारी भूमि के 24 वर्गमीटर हिस्से पर अतिक्रमण पाए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद ग्राम सभा की ओर से राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत मामला दायर किया गया। तहसीलदार न्यायालय ने सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। बाद में इस आदेश के खिलाफ दाखिल अपील भी जिलाधिकारी न्यायालय में खारिज हो गई, जिससे प्रशासन का रास्ता साफ हो गया।


कोर्ट से राहत नहीं मिली, प्रशासन ने शुरू किया अभियान

शुक्रवार सुबह जैसे ही प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ गांव पहुंची, आसपास के इलाकों में चर्चा तेज हो गई। बड़ी संख्या में लोग मौके की ओर बढ़ने लगे, लेकिन प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे। अधिकारियों की मौजूदगी और पुलिस बल की तैनाती के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई स्वयं मौके पर मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने पूरे अभियान की निगरानी की और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अधिकारियों को निर्देश देते रहे। राजस्व विभाग, पुलिस और पीएसी की संयुक्त टीम कार्रवाई में जुटी रही।


मजार को लेकर अलग-अलग दावे, प्रशासन ने रिकॉर्ड को बनाया आधार

मजार के मुतव्वली अजीज का कहना है कि यह स्थल करीब 500 से 600 वर्ष पुराना है और लंबे समय से स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। उनके मुताबिक आसपास के गांवों में इसे पीर बाबा के नाम से जाना जाता है और यहां वर्षों से लोग श्रद्धा के साथ आते रहे हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह राजस्व अभिलेखों और न्यायालय के आदेशों के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराकर ग्राम सभा को सौंपा जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी जमीन को मुक्त कराना है और पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर की जा रही है।

संभल में हाल के महीनों में अवैध कब्जों के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं। ऐसे में बाघाऊ गांव की यह कार्रवाई जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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