जेवर एयरपोर्ट पर पहुंची पहली कमर्शियल फ्लाइट, 172 किसान लखनऊ जाकर CM योगी से करेंगे मुलाकात

top-news
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत हो रही है। पहली फ्लाइट लखनऊ से जेवर पहुंची, जबकि वापसी में 172 किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ जाएंगे।

जेवर। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज से वाणिज्यिक उड़ानों का औपचारिक आगाज़ होने जा रहा है और पहली कमर्शियल फ्लाइट लखनऊ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची जिसके साथ लंबे समय से चर्चित इस परियोजना के संचालन चरण की शुरुआत मानी जा रही है। दूसरी तरफ, इसी उड़ान से 172 किसान लखनऊ के लिए रवाना हो गये, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपना आभार जताएंगे। स्थानीय स्तर पर इसे सिर्फ एक फ्लाइट की शुरुआत नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी के लिए नए कनेक्टिविटी युग की दस्तक के तौर पर देखा जा रहा है।

पहली उड़ान के साथ खुला ऑपरेशन का रास्ता

सूत्रों के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट पर पहली कमर्शियल लैंडिंग का कार्यक्रम बेहद प्रतीकात्मक रखा गया है। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने वाली फ्लाइट सुबह तय समय पर पहुंचेगी और इसके बाद एयरपोर्ट पर नियमित ऑपरेशंस को लेकर औपचारिक संदेश जाएगा। यह वही परियोजना है जिस पर पिछले कई वर्षों से काम चल रहा था और जिसकी समय-सीमा, जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास और निर्माण को लेकर लगातार चर्चा होती रही। अब जब पहली वाणिज्यिक उड़ान उतरने जा रही है, तो प्रशासनिक अमला भी इसे एक अहम पड़ाव मान रहा है। जेवर और आसपास के इलाकों में इसकी वजह से हलचल तेज है।

एयरपोर्ट को लेकर सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक परत किसानों से जुड़ी रही है। जमीन देने वाले प्रभावित परिवार लंबे समय से रोजगार, पुनर्वास और सुविधाओं को लेकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाते रहे हैं। आज की उड़ान में 172 किसानों का लखनऊ जाना इसी कड़ी का हिस्सा है। ये किसान जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ मुख्यमंत्री से मिलेंगे और परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सरकार का धन्यवाद करेंगे। जानकारों का कहना है कि यह मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि उस भरोसे की सार्वजनिक तस्वीर भी है जो जमीन देने वाले गांवों और सरकार के बीच बनाने की कोशिश की जा रही है।

किसानों की भूमिका और सरकार का संदेश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मामला शुरू से ही विकास और विस्थापन, दोनों का साझा उदाहरण रहा है। एक तरफ इसे पश्चिमी यूपी की आर्थिक तस्वीर बदलने वाली परियोजना कहा गया, दूसरी तरफ प्रभावित गांवों में मुआवजे, रोजगार और सुविधाओं को लेकर सवाल भी उठते रहे। सरकार की कोशिश रही है कि इस एयरपोर्ट को रियल एस्टेट या प्रतीकात्मक उपलब्धि से आगे बढ़ाकर वास्तविक औद्योगिक और परिवहन केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। इसी वजह से पहली कमर्शियल उड़ान का कार्यक्रम राजनीतिक रूप से भी अहम हो गया है। इसे सरकार अपने कामकाज और भरोसे की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर सकती है।

जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के लिए जा रहे किसानों को इस दिन को ऐतिहासिक माना जा रहा है। जेवर के आसपास के गांवों में वर्षों से यह उम्मीद रही है कि एयरपोर्ट चालू होने पर रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी के नए रास्ते खुलेंगे। अब जब पहली उड़ान जमीन पर उतरने जा रही है, तो स्थानीय लोगों की नजर आगे की सेवाओं, रूटों और यात्री सुविधाओं पर टिक गई है। प्रशासन के सामने चुनौती भी यही होगी कि शुरुआती शुरुआत को लगातार, व्यवस्थित और भरोसेमंद संचालन में बदला जाए। 

जेवर एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट की पहली लैंडिंग

पहली कमर्शियल फ्लाइट के आगमन को लेकर एयरपोर्ट परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विमान के रनवे पर उतरते ही एयरपोर्ट अधिकारियों और कर्मचारियों ने यात्रियों का स्वागत किया। इस अवसर को यादगार बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। एयरपोर्ट प्रशासन ने इसे क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में बड़ा कदम बताया। जानकारी के अनुसार, लखनऊ जाने वाले 172 किसानों को इस विशेष उड़ान में शामिल किया गया है। इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसान शामिल हैं। किसानों का कहना है कि पहली बार इतने बड़े स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों को हवाई यात्रा का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके भीतर खासा उत्साह है। कई किसान हवाई चप्पल और पारंपरिक वेशभूषा में एयरपोर्ट पहुंचे और अपनी पहली हवाई यात्रा को लेकर खुशी जाहिर की। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। इसके शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा। एयरपोर्ट के संचालन से न केवल यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को भी नई गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के पूरी क्षमता से संचालित होने के बाद यह क्षेत्र देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में शामिल हो सकता है। एयरपोर्ट से देश के कई बड़े शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है, जिससे यात्रियों को बेहतर विकल्प और समय की बचत होगी।

अगले चरण में क्या, नजर अब नियमित उड़ानों पर

एयरपोर्ट के शुरू होने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र और पूर्वी-पश्चिमी दिल्ली एनसीआर के यात्रियों को सीधी सुविधा मिलने की उम्मीद है। अभी शुरुआती चरण है, इसलिए सारी नजर इस बात पर रहेगी कि संचालन कितना सुचारु रहता है, सुरक्षा व्यवस्था कैसी रहती है और एयरलाइंस कितनी तेजी से यहां से सेवाएं बढ़ाती हैं। विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर पहले कुछ हफ्तों में ऑपरेशन स्थिर रहा, तो आने वाले महीनों में जेवर एयरपोर्ट एनसीआर के एयर ट्रैफिक दबाव को कम करने वाला बड़ा विकल्प बन सकता है।

राजनीतिक तौर पर भी यह शुरुआत अहम मानी जा रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना को अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया है। किसानों का लखनऊ जाना और मुख्यमंत्री से मिलना इस संदेश को और मजबूत करता है कि सरकार एयरपोर्ट को सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि सामाजिक सहमति के साथ आगे बढ़ रही योजना के रूप में दिखाना चाहती है। अब नजर इस पर है कि पहली उड़ान के बाद नियमित शेड्यूल कब तक स्थिर होता है और यात्रियों को कितनी जल्दी इसका वास्तविक लाभ मिलने लगता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *