भरत तिवारी एनकाउंटर: 400 किलोमीटर दूर से सचिन मिश्रा का आमरण अनशन, मुख्यमंत्री से माफी की मांग

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बेतिया के युवक सचिन मिश्रा ने भरत तिवारी के फर्जी एनकाउंटर के विरोध में 400 किलोमीटर दूर बिलौटी गांव में आमरण अनशन शुरू किया है।

लखनऊ। बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के मामले में आंदोलन का नया और विपरीत रूप सामने आया है। बेतिया जिले के बेतिया निवासी सचिन मिश्रा ने 400 किलोमीटर दूर शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के घर के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सचिन मिश्रा ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सिर भी मुंडवा लिया है। उनका अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिलौटी गांव आकर भरत के परिजनों से माफी नहीं मांगते हैं। यह मामला अब बिहार के हर एक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को मौत की नींद सुला देने की घटना पर सवाल खड़े कर रहा है।

मुख्यमंत्री से माफी की चुनौती

सचिन मिश्रा ने अपने अनशन की शुरुआत में ही एक बड़ा प्रतीकात्मक कदम उठाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सिर मुंडवा लिया है। उनका अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिलौटी गांव आकर भरत के परिजनों से माफी नहीं मांगते हैं। सचिन ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाह हो चुकी है और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को मौत की नींद सुला दिया जाता है। बेतिया से 400 किलोमीटर दूर बिलौटी गांव पहुंचे सचिन मिश्रा का यह कदम आंदोलन की नई ऊंचाई को दर्शाता है। उनका अनशन तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक मुख्यमंत्री नहीं पहुंचकर परिवार से माफी नहीं मांगते हैं।

"सरकार तानाशाह बन चुकी है"

सचिन ने बताया कि जिस तरह से सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण एक युवक की मौत हुई, वह कतई उचित नहीं है। इसी के लिए भरत तिवारी और उनके परिजनों को न्याय दिलाने को लेकर वह आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका आमरण तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहां पहुंच करके परिवार से माफी नहीं मांगते हैं। तब तक उनका अनशन जारी रहेगा, क्योंकि यह सवाल केवल भरत तिवारी का नहीं है। ये मामला बिहार के हर एक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है। सचिन ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाह हो चुकी है और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को मौत की नींद सुला दिया जाता है।

बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में न्याय की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू हो गया है। दरअसल पश्चिम चंपारण के बेतिया के रहने वाले सचिन मिश्रा शाहपुर के बिलौटी गांव में आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। घरवालों की मांग है कि इस एनकाउंटर के दोषी पुलिसवालों को फांसी की सजा दी जाए। उधर भरत के घरवाले भी दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन का नया रूप और बिहार के हर व्यक्ति से जुड़ा मामला

भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में माहौल अभी भी नहीं बदला है। अब तो लोग वहां लगातार पहुंच रहे हैं। मिलने वालों में नेता और सामाजिक कार्यकर्ता दोनों हैं। वहीं भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद उसको न्याय देने की मांग तेज होने लगी है। इसी कड़ी में एक नौजवान वहां आमरण अनशन पर बैठ गया है। सचिन मिश्रा ने मांग की है कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिलौटी गांव आएं और भरत के घरवालों से माफी मांगें।

भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में अब बेतिया का एक युवक ने आमरण अनशन शुरू किया है। बिलौटी गांव में भरत तिवारी के परिजनों से कई लोग मिलने आ रहे हैंं। जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा की मां ने भी भरत की मां से मुलाकात की है। यह मामला बिहार के हर एक व्यक्ति से जुड़ा हुआ है और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले को मौत की नींद सुला देने की घटना पर सवाल खड़े कर रहा है।

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