राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में 3 बड़े अपडेट, जांच ने पकड़ी रफ्तार
अयोध्या बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला, आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा कोई वकील
- Babli Ansari
- 30 Jun, 2026
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। मामले में यूपी पुलिस ने पूर्व महासचिव चंपत राय से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया है। दूसरी ओर अयोध्या बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि इस मामले के किसी भी आरोपी की पैरवी कोई वकील नहीं करेगा। यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों का पक्ष रखता है तो उस पर प्रत्येक आरोपी के हिसाब से पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए 13 जुलाई को दोबारा पेश करने के आदेश दिए हैं। इस बीच मामले में सीबीआई जांच की मांग भी लगातार तेज होती जा रही है।
बार एसोसिएशन का कड़ा रुख, चंपत राय समेत तीन लोगों को अल्टीमेटम
अयोध्या बार एसोसिएशन ने बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को लेकर सख्त रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम देने के साथ-साथ पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने का फैसला लिया है। अधिवक्ताओं ने यह भी घोषणा की है कि यदि कोई वकील आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी करेगा तो उस पर प्रत्येक आरोपी के लिए पांच लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इस फैसले के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
जांच में बैंक खातों और लेनदेन की भी हो रही पड़ताल
जांच एजेंसियों ने अब मामले से जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार एसबीआई, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई बैंकों को नोटिस जारी कर संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मांगी गई है। जांच के दौरान ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों और बैंकिंग रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। इसी बीच चंपत राय के भाई ने सार्वजनिक रूप से उनका बचाव किया है, जबकि दूसरी ओर मामले में सीबीआई जांच की मांग और तेज हो गई है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही हैं।
आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर
मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तारीख तय की गई है। इस बीच सीबीआई जांच की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों और स्थानीय स्तर पर आवाज उठ रही है। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां साक्ष्य जुटाने, वित्तीय रिकॉर्ड की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ में जुटी हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही के आधार पर इस मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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