योगी सरकार का बड़ा ऐलान! अब ₹20 करोड़ तक गारंटी-फ्री लोन, युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
उत्तर प्रदेश के डीएम ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लोन वितरण के टारगेट की समीक्षा शुरू कर दी है। स्टार्टअप्स अब 20 करोड़ रुपये तक का गारंटी-फ्री लोन पा सकते हैं।
- Babli Ansari
- 15 Jul, 2026
उत्तर प्रदेश में स्वरोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (CM Youth Entrepreneur Scheme) के तहत अब युवाओं को पहले से अधिक आसान शर्तों पर बड़ा लोन उपलब्ध कराने की तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने भी लोन वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा शुरू कर दी है। सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय बढ़ाकर पात्र युवाओं को जल्द से जल्द ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, योजना के तहत अब 20 करोड़ रुपये तक का गारंटी-समर्थित लोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। पहले यह सीमा 10 करोड़ रुपये तक थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य स्टार्टअप, एमएसएमई और नए उद्योग लगाने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
डीएम ने शुरू की लोन टारगेट की समीक्षा
प्रदेश के कई जिलों में डीएम ने बैंक अधिकारियों और एनबीएफसी (NBFC) प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लोन वितरण की प्रगति की समीक्षा की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र आवेदकों के मामलों का तेजी से निस्तारण किया जाए और अनावश्यक देरी से बचा जाए। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा उद्यमी इस योजना का लाभ उठाकर अपना कारोबार शुरू करें। इसके लिए प्रत्येक जिले में विशेष निगरानी व्यवस्था भी बनाई जा रही है, ताकि आवेदन से लेकर ऋण स्वीकृति तक की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
क्या बदला है नई व्यवस्था में?
नई व्यवस्था के तहत वित्तीय संस्थानों को भी अधिक सुरक्षा प्रदान की गई है। जानकारी के अनुसार, 10 करोड़ रुपये तक के ऋण पर NBFC की ओर से गारंटी व्यवस्था लागू होगी, जबकि बड़े ऋणों के लिए क्रेडिट गारंटी कवरेज को और मजबूत किया गया है। इससे बैंक और वित्तीय संस्थान भी बड़े प्रोजेक्ट्स को फंड करने में अधिक सहज होंगे। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जिनके पास अच्छा बिजनेस आइडिया है, लेकिन पर्याप्त संपत्ति या गिरवी रखने के लिए संसाधन नहीं हैं। अब ऐसे उद्यमियों के लिए पूंजी जुटाना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना के तहत आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए और वह उत्तर प्रदेश का पात्र निवासी होना चाहिए। आवेदक को अपने प्रस्तावित व्यवसाय की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), अनुमानित लागत, वित्तीय योजना तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। लोन का उपयोग मशीनरी खरीदने, कच्चा माल खरीदने, उत्पादन इकाई स्थापित करने, कार्यशील पूंजी और व्यवसाय के विस्तार जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। आवेदन की जांच के बाद बैंक या वित्तीय संस्था पात्रता के आधार पर ऋण स्वीकृत करेगी।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई गति मिलेगी। बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित करने की योजना बना रहे युवाओं को वित्तीय सहायता मिलने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और रोजगार सृजित करने वाले उद्यमियों की नई पीढ़ी तैयार करना भी है।
सरकार ने बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पात्र आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि योजना का लाभ समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे। आने वाले दिनों में जिलावार समीक्षा और मॉनिटरिंग को और तेज किए जाने की संभावना है।
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