योगी सरकार का बड़ा तोहफा! दिव्यांग बेटियों को मिलेगी FREE ई-ट्राईसाइकिल, 16 साल से ऊपर की छात्राएं कर सकेंगी आवेदन
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश की दिव्यांग छात्राओं के लिए मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र छात्राओं को निःशुल्क ई-ट्राईसाइकिल दी जाएगी, ताकि वे स्कूल, कॉलेज और प्रशिक्षण संस्थानों तक आसानी से पहुंच सकें।
- Babli Ansari
- 05 Aug, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को आसान बनाने के लिए मुफ्त मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य ऐसी छात्राओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है, जिन्हें स्कूल, कॉलेज या तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई होती है। सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से दिव्यांग बेटियां अपनी पढ़ाई बिना रुकावट जारी रख सकेंगी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
किन छात्राओं को मिलेगा लाभ?
योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की दिव्यांग छात्राएं आवेदन कर सकती हैं। प्राथमिकता गरीबी रेखा (BPL) से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को दी जाएगी। आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत होना आवश्यक है। इसके अलावा वैध दिव्यांगता प्रमाणपत्र या यूडीआईडी (UDID) कार्ड होना भी अनिवार्य है।
हर विधानसभा से होगा चयन
बांदा जिले में इस योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20-20 दिव्यांग छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित छात्राओं को निःशुल्क मोटराइज्ड ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और ऑनलाइन आवेदन भी लिए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण
इस योजना में ऑनलाइन आवेदन पहले करने वालों को प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही जिन छात्राओं को पिछले 5 वर्षों में किसी सरकारी योजना से ई-ट्राईसाइकिल मिल चुकी है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। प्रति ई-ट्राईसाइकिल सरकार अधिकतम ₹65,000 तक का अनुदान देगी।
ऐसे करें आवेदन
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक छात्राएं उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र/यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, आय प्रमाणपत्र और अध्ययनरत होने का प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे। अधिक जानकारी के लिए संबंधित जिले के दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार का कहना है कि यह योजना केवल परिवहन सुविधा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य दिव्यांग बेटियों को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से जोड़ना भी है। ई-ट्राईसाइकिल मिलने से छात्राओं का समय बचेगा, उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।
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