नागपुर रेप केस में बड़ा खुलासा! आरोपी के घर से 8 चाकू, चॉपर और गर्भनिरोधक बरामद
नागपुर में 16 वर्षीय नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न और मारपीट के मामले की जांच में पुलिस ने आरोपी निर्मय माधव पाखरे के ठाणे स्थित घर पर छापेमारी की। यहां से आठ चाकू, चॉपर समेत धारदार हथियार, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में गर्भनिरोधक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने जब्त सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की बात कही है।
- Babli Ansari
- 08 Aug, 2026
नागपुर। नाबालिग लड़की के कथित अपहरण, यौन उत्पीड़न और उसके साथ मारपीट के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस के हाथ नए सुराग लग रहे हैं। अब पुलिस ने मामले में गिरफ्तार 19 वर्षीय निर्मय माधव पाखरे के ठाणे स्थित घर पर छापेमारी कर कई अहम सामान बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक घर की तलाशी के दौरान आठ चाकू, चॉपर समेत कई धारदार हथियार, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में गर्भनिरोधक सामग्री मिली है। जब्त सामान को जांच के लिए फॉरेंसिक टीम के पास भेजा जा रहा है।
ठाणे स्थित घर पर पुलिस ने मारा छापा
जानकारी के मुताबिक नागपुर पुलिस की हुदकेश्वर थाना टीम ने शुक्रवार को आरोपी के ठाणे स्थित घर पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के घर से बरामद सामान का कथित अपराध से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
तलाशी के दौरान पुलिस को अलग-अलग तरह के धारदार हथियार मिले। इनमें आठ चाकू और चॉपर शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा एक लैपटॉप और बड़ी संख्या में गर्भनिरोधक सामग्री भी बरामद हुई। पुलिस अब इन सभी वस्तुओं की फॉरेंसिक जांच करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनमें से किसी का इस्तेमाल कथित घटना में हुआ था या नहीं।
नाबालिग को घंटों बंधक बनाने का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपी पर आरोप है कि उसने 16 वर्षीय लड़की को एक कमरे में कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा। जांच में सामने आया है कि लड़की को कथित तौर पर बांधा गया और उसके साथ यौन हिंसा की गई। पुलिस के मुताबिक लड़की के शरीर पर चाकू से चोटों के निशान भी पाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ POCSO Act और अपहरण समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरह की किसी अन्य घटना को अंजाम दिया था या नहीं।
लैपटॉप और डिजिटल सबूत भी जांच के घेरे में
पुलिस की जांच सिर्फ बरामद हथियारों तक सीमित नहीं है। आरोपी के घर से मिले लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस को भी जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच अधिकारी डिजिटल डेटा के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी और पीड़िता के बीच किस तरह का संपर्क था और घटना से पहले तथा बाद में आरोपी की गतिविधियां क्या थीं। डिजिटल साक्ष्य से मामले की टाइमलाइन तैयार करने में भी मदद मिल सकती है।
फॉरेंसिक जांच से खुलेगा कई सवालों का जवाब
पुलिस ने बरामद सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की है। हथियारों पर किसी तरह के फिंगरप्रिंट या जैविक साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं, इसकी भी जांच हो सकती है।
हालांकि पुलिस के अनुसार सिर्फ किसी वस्तु का आरोपी के घर से मिलना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि उसका इस्तेमाल अपराध में हुआ था। जांच एजेंसियां बरामद सामान को मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल डेटा और अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही हैं।
आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में
मामले में गिरफ्तार आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और अस्पताल में उसका इलाज भी चल रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक हिरासत के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस बीच पुलिस लगातार मामले से जुड़े सबूत जुटा रही है।
अब जांच का सबसे अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि आरोपी के घर से मिले हथियार और अन्य सामान का इस मामले से क्या कनेक्शन है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल जांच और मेडिकल साक्ष्यों के सामने आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।
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